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गुरुवार, 05 फ़रवरी, 2009 को 16:52 GMT तक के समाचार

धोनी की कप्तानी में रिकॉर्ड जीत

भारत ने श्रीलंका को चौथे एक दिवसीय मैचों में हराकर नया रिकॉर्ड क़ायम किया है. भारत सिरीज़ तो पहले ही जीत चुका है.

लेकिन महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में लगातार नौ वनडे जीतकर भारत ने इतिहास रचा है.

इससे पहले भारत ने सुनील गावसकर, सौरभ गांगुली और राहुल द्रविड़ की कप्तानी में लगातार आठ वनडे मैच ही जीते थे.

कोलंबो में हुए चौथे एक दिवसीय मैच में भारत ने श्रीलंका के सामने जीत के लिए 333 रनों का लक्ष्य रखा था.

लेकिन जवाब में श्रीलंका की पूरी टीम 48 ओवर में 265 रन बनाकर आउट हो गई. भारत ने 50 ओवर में पाँच विकेट पर 332 रन बनाए थे.

इस तरह भारत 67 रनों से जीत गया. पाँच मैचों की सिरीज़ में भारत अब 4-0 से आगे है. गौतम गंभीर ने इस मैच में 150 रनों की पारी खेली और उन्हें मैन ऑफ़ द मैच चुना गया.

इसी मैच में मुथैया मुरलीधरन ने 503वाँ विकेट लिया और वसीम अकरम के सर्वाधिक विकेट लेने के रिकॉर्ड तोड़ दिया.

योगदान

श्रीलंका की ओर से कुमार संगकारा, तिलकरत्ने दिलशान और कप्तान महेला जयवर्धने ने श्रीलंका को मैच जिताने की भरपूर कोशिश की लेकिन भारत के बड़े स्कोर के आगे उनकी एक न चल पाई.

संगकारा ने सर्वाधिक 58 रन बनाए. तिलकरत्ने दिलशान ने 34 और कप्तान महेला जयवर्धने ने 28 रनों की पारी खेली. कुलशेखरा 39 रन बनाकर नाबाद रहे.

भारत की ओर से इरफ़ान पठान ने तीन विकेट लिए. प्रवीण कुमार और वीरेंदर सहवाग को दो-दो विकेट मिले. प्रज्ञान ओझा, यूसुफ़ पठान और युवराज सिंह के खाते में एक-एक विकेट आए.

इस मैच में भी दर्शकों की ओर से भारतीय खिलाड़ियों पर पत्थर फेंके गए. जिसके कारण क़रीब 27 मिनट तक मैच नहीं हो सका.

भारतीय पारी

इससे पहले गौतम गंभीर और महेंद्र सिंह धोनी की धमाकेदार पारी की बदौलत भारत ने निर्धारित 50 ओवर में पाँच विकेट पर 332 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया.

गौतम गंभीर ने 150 और कप्तान धोनी ने 94 रन बनाए. भारत का पहला विकेट सिर्फ़ 14 रन पर गिर गया था. वीरेंदर सहवाग सिर्फ़ पाँच रन बनाकर पवेलियन लौट गए थे.

लेकिन इसके बाद कप्तान धोनी पिच पर उतरे और गौतम गंभीर के साथ मिलकर स्कोर को 202 रनों तक पहुँचाया. धोनी दुर्भाग्यशाली रहे और 94 रन बनाकर आउट हो गए.

धोनी और गंभीर ने दूसरे विकेट के लिए 184 गेंदों पर 188 रन जोड़े.

लेकिन गौतम गंभीर ने एक छोर संभाले रखा. युवराज भी इस मैच में नहीं चले. उन्होंने भी पाँच रन बनाए. तो यूसुफ़ पठान अपना खाता भी नहीं खोल पाए.

लेकिन गंभीर जमे रहे. उन्होंने सुरेश रैना के साथ मिलकर भारत के स्कोर को 332 तक पहुँचाने में मदद की. गंभीर 150 रन बनाकर आउट हुए जबकि रैना 49 रन पर नाबाद रहे.