http://www.bbcchindi.com

शनिवार, 31 जनवरी, 2009 को 08:41 GMT तक के समाचार

यूकी ऑस्ट्रेलियन ओपन के जूनियर चैंपियन

भारत के यूकी भांबरी ने शनिवार को ऑस्ट्रेलियन ओपन का लड़कों का ख़िताब जीत लिया. ऑस्ट्रेलियन ओपन में ये खिताब जीतने वाले यूकी पहले भारतीय हैं.

यूकी ने फ़ाइनल मुक़ाबले में जर्मनी के अलेक्जेंड्रो फर्डिनांडोस जोरडियस को लगातार सेटों में 6-3, 6-1 से हराकर ऑस्ट्रेलियन ओपन में भारत का परचम लहरा दिया.

सोलह वर्षीय यूकी ने मुक़ाबले की शुरुआत से ही जर्मन खिलाड़ी पर दबाव बना लिया और पहले सेट में उन्हें सिर्फ़ तीन ही गेम जीतने दिए.

दूसरे सेट में भी यूकी ने अपनी पकड़ ढीली नहीं पड़ने दी और विपक्षी खिलाड़ी को सिर्फ़ एक ही गेम जीतने दिया. उन्होंने महज़ 57 मिनट में ख़िताबी मुक़ाबला अपने नाम कर लिया.

चौथे भारतीय

ऑस्ट्रेलियन ओपन में शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ी की हैसियत से खेल रहे यूकी पिछले साल भी जूनियर मुक़ाबले के सेमी फ़ाइनल में पहुँचे थे.

हालाँकि डबल्स मुक़ाबले में यूकी का अभियान सेमीफ़ाइनल से आगे नहीं बढ़ सका.

यूकी और ताइवान के लियाँग ची हुआँग की जोड़ी को रूस के मिखाइल बिर्युकोव और जापान के यासुताका यूचियामा की जोड़ी ने 6-3, 6-1 से शिकस्त दी.

यूकी जूनियर ग्रैंड स्लैम ख़िताब जीतने वाले चौथे भारतीय हैं. इससे पहले रामानाथन कृष्णन, रमेश कृष्णन और लिएंडर पेस जूनियर ग्रैंड स्लैम ख़िताब जीत चुके हैं.

रामानाथन कृष्णन ने 1954 में विंबलडन का जूनियर ख़िताब जीता था. रामानाथन कृष्णन के पुत्र रमेश कृष्णन ने इस सिलसिले को आगे बढ़ाया और 1979 में फ्रेंच और विंबलडन के जूनियर ख़िताब जीते.

जबकि पेस ने 1990 में विंबलडन का जूनियर खिताब और 1991 में यूएस ओपन का जूनियर खिताब जीता था.

लक्ष्य

मुक़ाबले के बाद यूकी ने कहा कि इस जीत के बाद वो सीनियर मुक़ाबलों में उतरने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, "अगर मैं ये ख़िताब नहीं भी जीतता, तब भी मेरी योजना पुरुष मुक़ाबलों में उतरने की थी."

यह पूछे जाने पर कि मेलबर्न में जूनियर ख़िताब जीतने वाले पहले भारतीय बनने पर कैसा महसूस कर रहे हैं, यूकी ने कहा, "फ़ाइनल मुक़ाबले के लिए जब मैं कोर्ट में उतरा तो मुझे इसकी जानकारी नहीं थी. ऑस्ट्रेलियन ओपन का जूनियर ख़िताब जीतना बहुत बड़ी उपलब्धि है. मैंने इसे जीतने का ख़्वाब देखा था और अब ये सच हो गया है."

उन्होंने कहा कि मैच की शुरुआत में वे कुछ घबराये हुए थे, लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा सब कुछ ठीक हो गया.