मंगलवार, 20 जनवरी, 2009 को 23:01 GMT तक के समाचार
भारतीय क्रिकेट टीम के आक्रामक बल्लेबाज़ वीरेंदर सहवाग का कहना है कि बल्लेबाज़ी के मामले में वो सचिन तेंदुलकर के आधे भी नहीं हैं.
उनका का कहना है, " मैं सम्मानित महसूस करुंगा, अगर सचिन को मेरे गुरु के रुप में देखा जाए और मुझे उनके शिष्य के रुप में."
सहवाग ने सचिन की प्रशंसा करते हुए कहा," मैं सचिन का आधा भी नहीं हो सकता, उनके क़रीब भी नहीं हूँ, उन्हें देखते और उनकी शैली को निहारते हुए बड़ा हुआ हूँ. उनकी नक़ल करने की कोशिश करता हूँ, मेरे लिए सबसे बेहतर उनका शिष्य बनना होगा."
दिलचस्प बात ये है कि अपनी कद-काठी और शारीरिक बनावट की वजह से विकेट पर सचिन जैसे दिखने वाले वीरेंदर सहवाग ने अपने करियर की शुरुआत में ही एक बार मज़ाक़-मज़ाक़ में ही कहा था कि उनके और सचिन तेंदुलकर के बीच एकमात्र अंतर बैंक बैलेंस का है.
नबंर एक टीम
सहवाग ने कहा कि उनके दिल में सचिन के लिए काफी इज्ज़त है और वो चाहते हैं कि सचिन का रिकॉर्ड कोई न तोड़ सके.
वीरेंदर सहवाग के अनुसार सचिन के रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए न सिर्फ़ लंबे समय तक खेलना पड़ेगा बल्कि उसे चोटों से भी बचने की आवश्यकता होगी और शायद ये सब भी काफ़ी न हो.
उनका कहना था, "सचिन ने 15 साल की उम्र में खेलना शुरू किया था, किसी दूसरे को ऐसा करने के लिए 14 साल की उम्र से खेलना शूरू करना होगा. लगभग तीस हज़ार रनों के पहाड़ को पछाड़ना होगा, जो कि शायद असंभव है."
हाल में जारी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की महान बल्लेबाज़ों की सूची पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सहवाग का कहना था कि भारतीय टीम का हिस्सा होने के नाते उस सूची में सचिन को बहुत नीचे स्थान देने से उन्हें निराशा हुई है.
आईसीसी की सर्वकालिक सूची में सचिन को 26वाँ स्थान दिया गया है.
दूसरी तरफ़ टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम के दुनिया में पहले नंबर पर आने के बार में उनका कहना था कि अगर अगले महीने ऑस्ट्रेलिया दक्षिण अफ़्रीक़ा में सिरीज़ हार जाता है और भारत न्यूज़ीलैंड में बेहतर प्रदर्शन करता है तो ऑस्ट्रेलिया का दुनिया की सबसे अच्छी टीम होने का ताज छिन सकता है.
उनका कहना था," मुझे लगता है कि भारत 2010 तक लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाली टीम बन जाएगी, लेकिन इसके लिए बहुत कुछ करने की आवश्यकता है."