रविवार, 11 जनवरी, 2009 को 13:03 GMT तक के समाचार
पूर्व कोच पीटर मूर्स से अपने विवादों के कारण कप्तानी छोड़ चुके इंग्लैंड के खिलाड़ी केविन पीटरसन ने कहा है कि पूरे मामले में उनकी कोई ग़लती नहीं थी.
इस विवाद के कारण केविन पीटरसन को कप्तानी छोड़नी पड़ी तो पीटर मूर्स को कोच का पद गँवाना पड़ा. इसके बाद एंड्रयू स्ट्रॉस को टीम की कमान सौंपी गई है.
न्यूज़ ऑफ़ द वर्ल्ड में अपने कॉलम में पीटरसन ने फिर से इंग्लैंड की कप्तानी करने की इच्छा जताई है.
उन्होंने अपने कॉलम में लिखा है, "मैंने रिस्क लिया क्योंकि मैं सोचा कि इंग्लैंड के कप्तान के रूप में मेरा कर्तव्य है कि जो सही नहीं है उस पर मैं बोलूँ. लेकिन मेरा मानना है कि कप्तान के रूप में कई काम अभी अधूरे रह गए हैं."
इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) के उपाध्यक्ष डेनिस एमिस ने कहा है कि बोर्ड के सामने ऐसी स्थिति थी कि उसके पास मूर्स को हटाने और पीटरसन का इस्तीफ़ा मंज़ूर करने के अलावा कोई चारा नहीं था.
'असंभव स्थिति'
उन्होंने बीबीसी रेडियो फ़ाइव लाइव के कार्यक्रम स्पोर्ट्सवीक में कहा, "एक बार जब यह जानकारी सार्वजनिक हो गई कि पीटरसन को कोच के रूप में मूर्स स्वीकार नहीं हैं, तो इस मसले का हल आसानी से संभव नहीं था. बोर्ड के साथ एक असंभव सी स्थिति पैदा हो गई थी."
एमिस ने बताया कि पीटरसन के अल्टीमेटम ने स्थिति को और जटिल बना दिया. हालाँकि उन्होंने पीटरसन की आलोचना नहीं की. उन्होंने कहा कि पीटरसन बेहतरीन खिलाड़ी हैं.
एमिस ने कहा, "पीटरसन भविष्य की योजना का हिस्सा हैं. उन्होंने स्ट्रॉस के प्रति अपना पूरा समर्थन व्यक्त किया है. उन्होंने उम्मीद भी जताई है कि उन्हें फिर से इंग्लैंड की कप्तानी मिलेगी. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अच्छा करने की उनमें प्रतिबद्धता कूट-कूट कर भरी हुई है."
दूसरी ओर केविन पीटरसन ने इस पर नाराज़गी जताई है कि कैसे ये पूरा मामला मीडिया में आ गया. उन्होंने अपने कॉलम में लिखा है कि चरित्र हनन ने उन्हें काफ़ी दुख पहुँचाया है.
उन्होंने कहा कि इसी कारण वे चाहते हैं कि लोग ये समझें कि उन्होंने कोई ग़लत काम नहीं किया है.