रविवार, 14 दिसंबर, 2008 को 13:47 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इंज़माम-उल-हक़ ने अपील की है कि भारतीय क्रिकेट टीम को पाकिस्तान दौरे पर आना चाहिए.
उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान को क्रिकेट संबंध नहीं तोड़ने चाहिए क्योंकि क्रिकेट से दोनों देशों के बीच तनाव कम करने में मदद मिलती है.
अभी तक के कार्यक्रम के मुताबिक़ जनवरी में भारतीय क्रिकेट टीम को पाकिस्तान का दौरा करना है. लेकिन मुंबई हमलों के बाद ऐसा तय नहीं लगता.
कुछ दिनों पहले भारत के खेल मंत्री एमएस गिल ने कहा था कि भारतीय टीम को पाकिस्तान दौरे पर नहीं जाना चाहिए. पाकिस्तान दौरे के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) का आवेदन भारत सरकार के पास है.
सरकार की हरी झंड़ी मिलने के बाद ही भारतीय टीम पाकिस्तान दौरे पर जा सकती है. इंज़माम का कहना है कि अगर भारत सरकार क्रिकेट टीम को पाकिस्तान नहीं भेजती, फिर भी पाकिस्तान को क्रिकेट संबंध नहीं तोड़ने चाहिए.
समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि इससे कोई मतलब नहीं निकलेगा. पहले भी क्रिकेट ने दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने में मदद की है."
मदद
उन्होंने कहा कि भारत को पाकिस्तान का दौरा करके पाकिस्तान में क्रिकेट की मदद करनी चाहिए. इस समय पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने इंज़माम पर पाबंदी लगा रखी है.
उन पर प्रतिबंध इसलिए लगा है क्योंकि इंज़माम भारत में बीसीसीआई से अलग ज़ी समूह की इंडियन क्रिकेट लीग (आईसीएल) का हिस्सा हैं.
इंज़माम का कहना है कि अगर भारतीय टीम पाकिस्तान में नहीं खेलने का फ़ैसला करती है तो यह उप महाद्वीप में क्रिकेट के लिए बहुत बड़ा झटका होगा.
उन्होंने मुंबई हमलों के बावजूद टेस्ट क्रिकेट के लिए वापस लौटने के इंग्लैंड के फ़ैसले का स्वागत किया लेकिन उन्होंने इस पर सवाल भी उठाया कि इसी आधार पर टीमें पाकिस्तान दौरे पर क्यों नहीं आना चाहतीं.