शुक्रवार, 12 दिसंबर, 2008 को 14:09 GMT तक के समाचार
मुंबई में हुए चरमपंथी हमलों के बाद भारत के खेल मंत्री एमएस गिल का कहना है कि भारतीय क्रिकेट टीम को अगले साल की शुरुआत में पाकिस्तान का दौरा नहीं करना चाहिए.
भारतीय क्रिकेट टीम का अगले वर्ष की शुरुआत में पाकिस्तान का दौरा निर्धारित है और उसे वहाँ पाँच वनडे, तीन टेस्ट और एक ट्वेन्टी-20 मैच खेलना है.
खेल मंत्री मनोहर सिंह गिल का कहना है कि ये पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने का सही वक़्त नहीं है जब उनकी ज़मीन का प्रयोग भारत में हत्याओं के लिए किया जा रहा हो.
गिल ने कहा, "क्या यह मुमकिन है कि एक टीम भारत में बहुत सारे लोगों को मारने के लिए आए और उसके तुरंत बाद भारत से दूसरी टीम मैच खेलने पाकिस्तान का दौरा करे?"
क्रिकेट, हत्या साथ नहीं
भारत मुंबई हमलों के लिए पाकिस्तानी चरमपंथी संगठनों को ज़िम्मेदार मान रहा है लेकिन पाकिस्तान सरकारी अपनी भागीदारी से इनकार कर रहा है.
सरकार से सुरक्षा मामले पर हरी झंडी मिलने के बाद ही भारतीय टीम पाकिस्तान का दौरा कर सकती है. लेकिन खेल मंत्री के बयान से ऐसा लगता है कि ये इतना आसान नहीं.
हालाँकि खेल मंत्री का कहना था कि भारतीय टीम के दौरे का अंतिम फ़ैसला भारत सरकार को करना है.
खेल मंत्री का यह बयान एक ऐसे समय पर आया है जब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के प्रमुख एजाज़ बट भारत के दौरे पर हैं और उनकी कोशिश होगी के किसी तरह इस सिरीज़ को बचा लिया जाए.
एजाज़ बट चेन्नई में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के अध्यक्ष हारून लॉरगेट और बीसीसीआई के अधिकारियों से मिलने वाले हैं.
भारत ने पहले ही जूनियर हॉकी टीम के पाकिस्तान दौरे पर रोक लगा रखी है. पाकिस्तान के खेल मंत्री अफ़ताब जिलानी का कहना है कि उन्हे अभी भारतीय टीम के पाकिस्तान दौरे में 'उम्मीद की किरण' दिखाई दे रही है.
उनका कहना था, "क्रिकेट की दोनों देशों में बेपनाह लोकप्रियता है और ऐसे में ये दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने में मददगार साबित होगा अगर भारतीय टीम अगले महीने पाकिस्तान आती है."
उन्होंने किसी तीसरे स्थान पर सिरीज़ कराने की संभावना भी जताई.