मंगलवार, 25 नवंबर, 2008 को 05:50 GMT तक के समाचार
इंग्लैंड के हरफनमौला खिलाड़ी एंड्रयू फ़्लिंटफ़ ने बीबीसी को बताया है कि वो आईपीएल यानी इंडियन प्रीमियर लीग से जुड़ने के इच्छुक हैं.
भारत के दौरे पर अभा तक खेले गए चारों एक दिवसीय मैच हार चुका इंग्लैंड ट्वेंटी-20 क्रिकेट के प्रति ज़्यादा उत्साहित नहीं नज़र आया. इंग्लैंड का के क्रिकेट बोर्ड का रवैया भी भारत के आईपीएल के प्रति ठंडा ही नज़र आया है.
ग़ौरतलब है कि फिलहाल डीमिट्री मासक्रेन्हास के अलावा इंग्लैंड का कोई क्रिकेटर आईपीएल में नहीं खेलता है. इस संदर्भ में फ़्लिंटॉफ़ की टिप्पणी रोचक है क्योंकि उन्हें विश्वास है कि इंग्लैंड के खिलाड़ियों को इससे अतिरिक्त अनुभव मिलेगा.
'आईपीएल अनुभव का लाभ'
फ़्लिंटफ़ ने कहा है कि भारतीय टीम ट्वेंटी-20 के अनुभवों को पचास ओवरों के मैच में इस्तेमाल कर रही है, जिसका भारत को ख़ूब फ़ायदा हो रहा है.
उन्होंने कहा, "मैं भारतीय पिचों पर, अंतरराष्ट्रीय और भारतीय खिलाड़ियों के साथ खेलना चाहता हूँ. भारतीय खिलाड़ियों ने आईपीएल में खेलकर वहीं अनुभव 50 ओवरों वाले खेल में इस्तेमाल किया है."
इंग्लैंड के कप्तान केविन पीटरसन ने भी आईपीएल में खेलने की इच्छा ज़ाहिर की है. पीटरसन ने ख़ासकर इस सिरिज़ में भारतीय बल्लेबाज़ों के खुलकर बैटिंग करने के अंदाज़ की तारीफ़ भी की है.
फ़्लिंटफ़ को भरोसा है कि अगर इंग्लैंड के खिलाड़ी भी आईपीएल से जुड़ते हैं, तो वे भारतीयों की तरह ताबड़तोड़ क्रिकेट खेल सकेंगे. उन्होंने कहा कि 'ऐसा करना संभवत: किसी भी खिलाड़ी के जीवन में एक अहम कदम है.'
फ़्लिंटफ़ ने बीबीसी को बताया कि उन्हें लगता है कि इंग्लैंड के खिलाड़ी इस नए ज़माने के क्रिकेट से जुड़ने के इच्छुक होंगे. उनका मानना है क्रिकेट का मूल रुप तो नहीं बदला है पर इंग्लैंड को अपने खेल का थोड़ा विस्तार करना होगा.
मौजूदा सीरिज़ में भारत के प्रदर्शन पर फ़्लिंटफ़ ने कहा कि भारतीय टीम आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरी और इंग्लैंड खेल के हर क्षेत्र में पिछड़ गया.
लेकिन इंग्लैंड के पूर्व कप्तान जैफ़ बॉयकॉट इससे सहमत नहीं दिखते कि भारत को आईपीएल के अनुभवों का लाभ मिल रहा है.
बॉयकॉट ने कहा है, "भारत में ख़राब प्रदर्शन का ये कोई बहाना नहीं हो सकता. इंग्लैंड के खिलाड़ी आईपीएल में खेलना चाहते हैं क्योंकि इसमें ख़ूब पैसा कमाने का मौक़ा है. ये नहीं मानना चाहिए कि आईपीएल में नहीं खेलने की वजह से इंग्लैंड का भारत में ये हाल हुआ है."