शुक्रवार, 14 नवंबर, 2008 को 03:23 GMT तक के समाचार
राजकोट में इंग्लैंड-भारत के बीच खेले जा पहले वनडे मैच में युवारज के शतक की मदद से भारत काफ़ी मज़बूत स्थिति में पहुंच गया है. स्कोर 47 ओवर में 350 के पार पहुंच गया है.
युवराज सिंह इस समय तूफ़ानी बल्लेबाज़ी कर रहे हैं और शतक पूरा कर मैदान पर डटे हुए हैं.
भारत की शुरुआत काफ़ी अच्छी रही और सल्लामी बल्लेबाज़ गौतम गंभीर और वीरेंद्र सहवाग ने अच्छे खेल का प्रदर्शन करते हुए भारतीय पारी को मज़बूत स्थिति में पहुँचाने में क़ामयाब रहे.
लेकिन तीसरा और चौथा विकेट थोड़ा जल्दी गिरा. तीसरे और चौथे विकेट के तौर पर एसके रैना और युसुफ़ पठान का विकेट गिरा है.
रैना 43 के निजी स्कोर पर एंड्रयू फ्लिंटॉफ के गेंद पर आउट हो गए जबकि युसुफ़ पठान बिनी खाता खोल ही पवैलियन लोट गए. उन्हें इयान बेल ने आउट किया.
वीरेंद्र सहवाग ने जहां भारतीय टीम में 85 रनों का योगदान दिया वहीं गंभीर 51 रन बनाकर पवैलियन लोट गए.
पहले विकेट के तौर पर जब गंभीर का विकेट गिरा उस वक्त भारत का स्कोर 127 था वहीं 153 के स्कोर पर सहवाग के तौर पर दूसरा विकेट गिरा. पहले दोनों विकेट समित पटेल को मिले हैं.
गेंदबाज़ी का निर्णय
इससे पहले इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने का निर्णय लिया किया था.
भारतीय टीम में तेज़ गेंदबाज़ इशांत शर्मा एड़ी में लगी चोट के कारण नहीं खेल रहे हैं और उनकी जगह आरपी सिंह को जगह दी गई है.
वहीं मुरली विजय को भी टीम में जगह नहीं मिल पाई है और मुनाफ़ पटेल को खेलने का मौक़ा दिया गया है.
सात वनडे मैचों की इस सिरीज़ में ऑस्ट्रेलिया से टेस्ट सिरीज़ जीतने के बाद भारतीय टीम पूरे आत्मविश्वास के साथ उतर रही है वहीं इंग्लैंड की टीम के सामने अच्छे प्रदर्शन की चुनौती है.
अभ्यास मैच में मुंबई एकादश के ख़िलाफ़ इंग्लैंड का प्रदर्शन ख़राब रहा है.
हालांकि मैच से पहले प्रेस कांफ्रेंस में इंग्लैंड टीम के कप्तान केविन पीटरसन का कहना था,'' अगर एक दो मैच हारते हैं तो ऐसा नहीं है कि हमारा मनोबल गिर गया है. जीत हार तो लगी रहती है लेकिन हम हमेशा सकारात्मक होकर ही खेलते हैं. ''
उधर भारतीय कप्तान धोनी ने कहा कि मैचों में भारत किस मानसिकता से उतरता है यही सबसे ज़रुरी है और ख़ासकर तब जब भारत मैच हार रहा हो.
हालांकि भारतीय टीम के साथ थकान एक समस्या हो सकती है क्योंकि टीम के कई खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया सीरिज़ के बाद आराम का मौका नहीं मिल पाया है.
वनडे मैचों में भारत का प्रदर्शन पिछले दिनों में काफ़ी बेहतर तो रहा है लेकिन घरेलू मैदान पर भारत पिछले एक साल में पहला मैच खेलेगा.
उधर एकदिवसीय मैचों में इंग्लैंड ने पिछले दिनों दक्षिण अफ्रीका को उन्ही के मैदान पर 4-0 से हराया है इसलिए इंग्लैंड की टीम को कम आकना सही नहीं होगा.
लेकिन भारतीय टीम को भारतीय पिचों पर हराना आसान नहीं है ये सब जानते हैं.
एकदिवसीय शृंखला में जहां भारत के ईशांत शर्मा एड़ी की चोट के कारण नहीं खेल रहे हैं वहीं कुछ ऐसे खिलाड़ी टीम में हैं जो खुद को साबित करने की पुरज़ोर कोशिश करने वाले हैं.
भारत की ओर से युवराज सिंह, युसुफ़ पठान और सुरेश रैना पर सबकी नज़र होगी. युवराज सिंह पिछले दिनों बहुत अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं और उनकी जगह अब पक्की नहीं मानी जाती है.
उधर इंग्लैंड की टीम में केविन पीटरसन के अलावा एंड्रयू फ्लिंटाफ़ और जेम्स एंडरसन जैसे खिलाड़ी है जो मैच का पासा पलटने में सक्षम माने जाते हैं.
जहां तक पिच की बात है तो पिच के क्यूरेटर धीरज प्रसन्ना कहते हैं कि तेज़ गेंदबाज़ों को शुरुआत में फ़ायदा मिलेगा पिच से लेकिन उसके बाद पिच बल्लेबाज़ों को मदद करेगी.
टीमें
भारत-वीरेंदर सहवाग, गौतम गंभीर, सुरेश रैना, रोहित शर्मा, युवराज सिंह, युसुफ़ पठान, महेंद्र सिंह धोनी ( कप्तान और विकेटकीपर), मुनाफ़ पटेल, ज़हीर खान, मुनाफ पटेल, हरभजन सिंह, आरपी सिंह
इंग्लैंड- इयान बेल, मैट प्रायर ( विकेटकीपर), ओवैस शाह, केविन पीटरसन ( कप्तान), एंड्रयू फ्लिंटॉफ, पॉल कोलिंगवुड, समित पटेल, रवि बोपारा, स्टुअर्ड ब्रोड, स्टीव हार्मिसन, जेम्स एंडरसन