शनिवार, 08 नवंबर, 2008 को 11:30 GMT तक के समाचार
नागपुर टेस्ट के तीसरे दिन कसी हुई भारतीय गेंदबाज़ी के सामने ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 355 रनों पर सिमट गई.
पहली पारी के आधार पर भारत को 86 रनों की अहम बढ़त मिली है.
ऑस्ट्रेलियाई पारी ख़त्म होने के बाद भारत को एक ओवर बल्लेबाज़ी के लिए मिला जिसमें न कोई रन बना और ना ही कोई विकेट गिरा.
भारत ने पहली पारी में 441 रन बनाए हैं.
ऑस्ट्रेलिया ने दो विकेट पर 189 रन के स्कोर से तीसरे दिन पारी की शुरुआत की और मेहमान बल्लेबाज़ों को भारत की कसी हुई गेंदबाज़ी के सामने कड़ा संघर्ष करना पड़ा.
ज़हीर ख़ान ने साइमन कैटिच को 102 रनों के निजी स्कोर पर चलता कर ऑस्ट्रेलिया को ज़बर्दस्त झटका दिया.
कैटिच ने नौ चौकों की सहायता से अपने टेस्ट करियर का पाँचवा शतक पूरा किया.
चौथा शिकार माइकल क्लार्क बने जो ईशांत की खूबसूरत गेंद पर विकेटकीपर को कैच थमा बैठे. वो महज आठ रन बना पाए.
हसी का संघर्ष
कैटिच और क्लार्क के बाद सारा दारोमदार माइक हसी पर था और उन्होंने अपनी शैली में संघर्षपूर्ण बल्लेबाज़ी का नज़ारा पेश किया लेकिन 90 के निजी स्कोर पर वो एम विजय की चपल क्षेत्ररक्षण के शिकार हो गए.
हरभजन की गेंद पर उन्होंने फॉरवर्ड शॉर्ट लेग की ओर शॉट लगाया और तेजी से रन लेने के लिए बढ़े लेकिन एम विजय ने गेंद रोकी और महेंद्र सिंह धोनी की और बढ़ा दिया. जब तक हसी लौटते तब तक धोनी गिल्लियाँ बिखेड़ चुके थे.
शेन वाटसन ने जमने की कोशिश की लेकिन हरभजन की एक गेंद उनके बल्ले को छूते हुए स्टंप से टकराई और वो बोल्ड हो गए.
अमित मिश्रा ने ब्रैड हैडिन को आउट कर सातवाँ झटका दिया. थोड़ी ही देर बाद ईशांत ने नई गेंद से छोड़ संभाली और जेसन क्रेजा को पगबाधा आउट कर ऑस्ट्रेलियाई संघर्ष की धार कुंद कर दी.
हसी के बाद सिर्फ़ कैमरून व्हाइट ही भारतीय गेंदबाज़ों के सामने टिक सके. उन्हें 46 के स्कोर पर हरभजन ने आउट किया.
भारत की ओर से हरभजन ने तीन विकेट चटकाए. ज़हीर और ईशांत शर्मा ने दो-दो विकेट लिए.