गुरुवार, 06 नवंबर, 2008 को 15:17 GMT तक के समाचार
ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ नागपुर में खेले जा रहे गावास्कर-बार्डर ट्रॉफ़ी के अंतिम टेस्ट मैच में मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने 40वाँ शतक बनाकर इतिहास रच दिया.
पहले दिन का खेल समाप्त होने के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में सचिन तेंदुलकर ने कहा कि "एडिलेड टेस्ट के बाद मैंने छह-सात मैच खेले हैं. मुझे लगता है कि उसके बाद मैं अच्छा खेल रहा हूँ लेकिन मैं अपना स्कोर तीन अंकों तक नहीं ले जा पा रहा था".
उन्होंने कहा कि मैं यह नहीं सोचता कि तीन अंकों का स्कोर ही सब कुछ होता है. मेरा मानना है कि जब टीम को आपकी ज़रूरत हो और आप अच्छा खेलें तो इससे आपको ज़्यादा संतुष्टि मिलती है.
भावनाएँ
उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि ऑस्ट्रेलिया के साथ हो रहे इस सिरीज़ में ऐसा कर पाया हूँ.
सचिन ने कहा कि जब आप एक बार मैदान में पहुँच जाते हैं तो आपका पूरा ध्यान खेल पर केंद्रित हो जाता है.
उल्लेखनीय है कि पूर्व कप्तान सौरव गांगुली नागपुर में अपना अंतिम टेस्ट मैच खेल रहे हैं और अनिल कुंबले ने दिल्ली में खेले गए तीसरे टेस्ट के बाद संन्यास लेने की घोषणा की थी.
उन्होंने कहा कि टॉस जीतना फ़ायदेमंद तो होता है लेकिन इसके बावज़ूद अच्छी बल्लेबाज़ी ज़रूरी होती है.
नागपुर टेस्ट से अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत करने वाले एम विजय की तारीफ़ करते हुए सचिन ने कहा कि वह अच्छी तकनीक के साथ एक ठोस बल्लेबाज़ नज़र आ रहे हैं. उनका भारतीय टीम के साथ भविष्य काफ़ी लंबा है.
रिकॉर्ड पर नज़र नहीं
जब उनसे पूछा गया कि उनका पसंदीदा शतक कौन सा है तो उन्होंन कहा, "मेरे लिए हर शतक अलग है और उसका अपना महत्व है जैसे कि वे टीम को कैसे मदद पहुँचाते हैं."
उन्होंने कहा कि मैं नहीं सोचता कि मैं किसी शतक को बढ़िया और किसी को ख़राब बता सकता हूँ.
जब उनसे पूछा गया कि क्या वे 50वाँ शतक बनाने का प्रयास करेंगे तो उन्होंने कहा कि मैं इन सब बातों के बारे में नहीं सोचता.