शनिवार, 11 अक्तूबर, 2008 को 10:51 GMT तक के समाचार
कुछ वरिष्ठ खिलाड़ियों और निचले क्रम के बल्लेबाज़ों के प्रदर्शन की बदौलत भारत न सिर्फ़ फ़ॉलोऑन बचाने में सफल रहा बल्कि स्कोर 300 के पार भी चला गया.
तीसरे दिन का खेल ख़त्म होने तक भारत ने पहली पारी में आठ विकेट पर 313 रन बना लिए हैं. ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 430 रन बनाए थे.
इस तरह पहली पारी के आधार पर भारत अभी ऑस्ट्रेलिया से 117 रन पीछे है. कप्तान अनिल कुंबले बिना कोई रन बनाए और ज़हीर ख़ान 35 रन पर खेल रहे हैं.
ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ अपना दमख़म दिखाने के लिए मशहूर हरभजन सिंह ने इस बार अपने बल्ले का कमाल दिखाया और सर्वाधिक 54 रन बना कर आउट हुए.
उन्होंने ज़हीर ख़ान के साथ आठवें विकेट के लिए महत्वपूर्ण 80 रन जोड़े. अच्छी शुरुआत के बाद एक बार फिर भारत का मध्यक्रम लड़खड़ा गया.
भज्जी और ज़हीर के अलावा सहवाग, राहुल द्रविड़ और सौरभ गांगुली ने भारत की लाज बचाने में मदद की. मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर फिर नाकाम रहे और सिर्फ़ 13 रन बनाकर चलते बने.
जबकि वीवीएस लक्ष्मण अपना खाता भी नहीं खोल पाए. ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में कप्तान रिकी पोंटिंग और माइकल हसी के शतकों की बदौलत 430 रनों का स्कोर खड़ा किया था.
जवाब में भारत ने अच्छी शुरुआत की थी और दूसरे दिन के खेल की समाप्ति पर उसका स्कोर था बिना किसी विकेट के नुक़सान पर 68 रन.
लेकिन तीसरे दिन के खेल की शुरुआत से ही भारत जैसे बैक फ़ुट पर आ गया और विकेट धड़ाधड़ गिरने लगे. भारत का स्कोर जब 70 रन था, गौतम गंभीर आउट हो गए.
उन्होंने 21 रन बनाए. सलामी जोड़ी टूटने का असर ऐसा हुआ कि सहवाग भी थोड़ी देर बाद पवेलियन लौट गए. सहवाग ने 45 रनों की पारी खेली.
नाकामी
सचिन तेंदुलकर जब पिच पर उतरे तो उन्हें टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक रन के ब्रायन लारा के रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए 76 रनों की आवश्यकता थी. लेकिन सचिन फिर ऐसा करने में नाकाम रहे और सिर्फ़ 13 रन बनाकर आउट हो गए.
भारत को सबसे तगड़ा झटका उस समय लगा जब वीवीएस लक्ष्मण बिना खाता खोले आउट हो गए. ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ों में मिचेल जॉनसन सबसे ज़्यादा ख़तरनाक साबित हो रहे थे. उन्होंने सहवाग, सचिन और लक्ष्मण को आउट किया.
लक्ष्मण के बाद द्रविड़ और गांगुली ने पारी संभालने की जी-तोड़ कोशिश की. लेकिन पिच पर टिके रहना उनके लिए मुश्किल साबित हो रहा था.
द्रविड़ ने अपना अर्धशतक तो पूरा किया लेकिन जल्द ही वे भी आउट हो गए. 51 रन के निजी स्कोर पर उन्हें शेन वॉटसन ने पवेलियन भेजा. धोनी माइकल क्लार्क की स्पिन गेंद पर गच्चा खा गए और नौ रन बनाकर आउट हो गए.
गांगुली एक छोर पर टिके हुए थे लेकिन वे ज़रूरत से ज़्यादा संभल कर खेल रहे थे. आख़िर उनका भी धैर्य टूटा और वे 47 रन बनाकर आउट हो गए. उनका विकेट भी जॉनसन को मिला. लेकिन तब तक भारत ने फ़ॉलोऑन बचा लिया था.
गांगुली के आउट होने के बाद हरभजन सिंह और ज़हीर ख़ान ने बिना किसी दबाव के खेलते हुए ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ों के पसीने छुड़ा दिए.
ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ अपने प्रदर्शन के लिए मशहूर भज्जी ने एक बार फिर अपने बल्ले का कमाल दिखाया और आठवें विकेट के लिए ज़हीर ख़ान के साथ महत्वपूर्ण 80 रन जोड़े.
हरभजन सिंह ने अपना अर्धशतक पूरा किया जो टेस्ट जीवन का उनका पाँचवाँ अर्धशतक था. लेकिन वे 54 रन बनाकर आउट हो गए. ज़हीर ख़ान अभी 35 रन बनाकर नाबाद हैं.
ऑस्ट्रेलिया की ओर से मिचेल जॉनसन ने चार विकेट लिए. शेन वॉटसन को दो विकेट मिले. जबकि ब्रेट ली और माइकल क्लार्क को एक-एक विकेट मिले.