शुक्रवार, 19 सितंबर, 2008 को 23:08 GMT तक के समाचार
श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने इंडियन क्रिकेट लगी (आईसीएल) के लिए खेलने वाले खिलाड़ियों पर लगे प्रतिबंध में ढील देते हुए उन्हें घरेलू प्रतियोगिताओं में खेलने की अनुमति दे दी है.
श्रीलंका क्रिकेट के प्रवक्ता शेन फर्नांडो ने बताया, "पूर्व कप्तान अर्जुन रणतुंगा की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फ़ैसला लिया गया. खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट प्रतियोगिताओं में खेलने की इजाज़त देने का फ़ैसला किया है लेकिन उन्हे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने की अनुमति नहीं होगी."
श्रीलंका क्रिकेट का फ़ैसला ऐसे वक्त में आया है जब बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने आईसीएल के साथ करार करने वाले अपने 13 खिलाड़ियों पर 10 वर्षों का प्रतिबंध लगा दिया है.
श्रीलंका के पांच खिलाड़ियों मर्वन अटापट्टू, रसेल अर्नोल्ड, उपुल चंदाना, अविष्का गुणावर्धने और समन जयंता ने पिछले वर्ष बाग़ी इंडियन क्रिकेट लीग से अनुबंध किया था जिसके बाद श्रीलंकाई बोर्ड ने उन पर प्रतिबंध लगा दिया था.
लेकिन ताज़ा फ़ैसले के बाद अब ये खिलाड़ी अपने घरेलू क्लबों की ओर से खेल सकेंगे.
कुछ समाचार एजेंसियों के मुताबिक भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने श्रीलंका क्रिकेट के इस फ़ैसले को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) में चुनौती देने की बात कही है.
दूसरी ओर आईसीएल से जुड़े किरण मोरे ने इसे ऐतिहासिक फ़ैसला बताते हुए उम्मीद जताई है कि आईसीसी इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं करेगी.
ग़ौरतलब है कि पिछले वर्ष सुभाष चंद्रा के स्वामित्व वाले एस्सेल समूह ने बीसीसीआई से मान्यता नहीं मिलने के बावजूद बाग़ी आईसीएल का गठन किया था.
इसके बाद बीसीसीआई ने इसमें खेलने वाले खिलाड़ियों को प्रतिबंधित करने की घोषणा की थी और अन्य देशों ने भी यही नीति अपनाई.