शुक्रवार, 05 सितंबर, 2008 को 11:04 GMT तक के समाचार
श्रीलंका के क्रिकेट बोर्ड ने घोषणा की है कि खिलाड़ियों के विरोध के बावजूद उनकी टीम अगले वर्ष इंग्लैंड का दौरा करेगी.
इस विवाद की जड़ में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के मैच हैं, श्रीलंका के खिलाड़ी इंग्लैंड नहीं भारत जाना चाहते हैं.
भारत में लीग क्रिकेट की शुरूआत ने किस तरह दुनिया भर में क्रिकेट खेलने वाले देशों के मैच शेड्यूल और खिलाड़ियों की उपलब्धता को प्रभावित करना शुरू किया है, यह उसी की ताज़ा मिसाल है.
अप्रैल-मई 2009 में श्रीलंका की टीम को इंग्लैंड में दो टेस्ट और तीन वनडे मैच खेलने हैं.
श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड की अंतरिम कमेटी के प्रमुख अर्जुन रणतुंगा ने कहा, "हमने इंग्लैंड के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किया है और हमें उसका सम्मान करना होगा."
इस मामले पर अगले सप्ताह श्रीलंका के क्रिकेट खिलाड़ी एक बैठक करने वाले हैं. दुनिया भर के क्रिकेट खिलाड़ी आईपीएल में होने वाली मोटी कमाई का मौक़ा नहीं चूकना चाहते.
श्रीलंका के स्टार खिलाड़ी महेला जयवर्धने, कुमार संगकारा, चमिंडा वास, मुरलीधरन, दिलहारा फर्नांडो और उपुल तरंगा ट्वेन्टी-20 क्रिकेट खेलने के लिए आईपीएल के साथ तीन साल का अनुबंध कर चुके हैं.
अगर श्रीलंका के खिलाड़ी भारत के दौरे पर अड़े रहे तो श्रीलंका को अपनी एक कमज़ोर टीम इंग्लैंड रवाना करनी पड़ेगी.
सोमवार को जयवर्धने और संगकारा ने श्रीलंका के खेल मंत्री से मुलाक़ात करके उनसे अनुरोध किया कि इंग्लैंड का दौरा रुकवा दिया जाए.
इतना ही नहीं, श्रीलंका के खिलाड़ियों ने राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे से भी संपर्क किया, बताया जाता है कि वे खिलाड़ियों के प्रति सहानुभूति रखते हैं और उन्होंने क्रिकेट बोर्ड से वैकल्पिक योजना बनाने को कहा है.
श्रीलंका के खेल मंत्री गामिनी लोकुगे इस मामले में मध्यस्थता कर रहे हैं और वे अगले सप्ताह खिलाड़ियों से एक बार फिर मिलने वाले हैं.
इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने ज़िम्बाब्वे के साथ मैच नहीं खेलने का फ़ैसला करते हुए उनका दौरा रद्द कर दिया था जिसके बाद श्रीलंका क्रिकेट टीम को न्यौता दिया गया था जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया था लेकिन अब टीम के ज़्यादातर खिलाड़ी इस दौरे का विरोध कर रहे हैं.