रविवार, 24 अगस्त, 2008 को 04:33 GMT तक के समाचार
मलय नीरव
बीजिंग से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
बीजिंग ओलंपिक के दूसरे हफ़्ते में जिस नाम की गूँज सबसे ज़्यादा सुनाई पड़ रही है वो है उसैन बोल्ट.
बीजंग के राष्ट्रीय स्टेडियम बर्ड्स नेस्ट यानी पक्षियों के घोसले में जिस व्यक्ति ने बिना पंखों के उड़ान भरी और तीन तीन स्वर्ण पदक अपने नाम किए, तीन विश्व कीर्तिमान तोड़े वो धावक बनने से पहले क्रिकेट का तेज़ गेंदबाज़ था.
जब बोल्ट स्कूल में पढ़ते थे, तब तेज़ गेंदबाज़ी करते थे. बॉलिंग रन-अप पर उनकी तेज़ रफ़्तार देखकर स्कूल के क्रिकेट कोच ने उन्हें सलाह दी कि वे क्रिकेट छोड़ें और एथलेटिक्स में जाएं.
बोल्ट ने ख़ुद को क्रिकेट के मैदान से अलग तो कर लिया पर क्रिकेट में उनकी रुचि कम नहीं हुई.
आज भी बोल्ट कहते हैं, "मैं क्रिकेट प्रेमी हूँ और मुझे बहुत आनंद आता है जब मैं क्रिस गेल और सचिन तेंदुलकर को बल्लेबाज़ी करते देखता हूँ."
जमैका और क्रिकेट
उसैन बोल्ट ने मैथ्यू हेडेन और एडम गिलक्रिस्ट की भी प्रशंसा की है. वैसे भी कोई जमैका का रहने वाला हो और क्रिकेट प्रेमी न हो, ऐसा हो नहीं सकता.
तो रिकी पोंटिंग, मैथ्यू हेडेन, क्रिस गोल और सचिन तेंदुलकर सबके सब यही सोच रहे होंगे कि अगर बोल्ट आज तेज़ गेंदबाज़ के रूप में सामने होते तो क्या होता. तब शोएब अख़्तर और ब्रैट ली बहुत पीछे रह जाते.
वैसे उसैन बोल्ट ने ऑस्ट्रेलिया जाकर हेडेन से मिलने की इच्छा भी प्रकट की है.ॉ
बोल्ट ने कहा कि बीच मैदान पर ठंडे दिमाग से गेंद की बखिया उधेड़ने वाले हेडेन से मिलने को वे आतुर हैं.
जब बोल्ट ने हेडेन की बात की तो क्रिकेट से बेखबर कुछ देशों के पत्रकार आश्चर्यचकित थे. उन्होंने पहले कभी हेडेन का नाम भी नहीं सुना था.
जब हेडेन तक यह ख़बर पहुँची तो हेडेन ने कहा, "नतमस्तक हो गया मैं. जिसके नृत्य (दौड़) को देखकर ही इतनी प्रेरणा मिलती है उसके
मुँह से अपना नाम सुनना बड़े गर्व की बात है."