रविवार, 24 अगस्त, 2008 को 17:21 GMT तक के समाचार
बीजिंग में जहां ओलंपिक समारोह समाप्त हो गया वहीं अब दुनिया की निगाहें 2012 में लंदन में होने वाले ओलंपिक आयोजन पर टिकी हैं.
ओलंपिक के लिए लंदन ज़बर्दस्त तैयारियों जुटा है और इसका पता बीजिंग ओलंपिक में उन्हें मिले 30 पदकों से भी लगाया जा सकता है.
हालांकि बीजिंग ओलंपिक की शानदार सफलता ने लंदन के सामने एक बड़ी चुनौती रख दी है. और लंदन ये कभी नहीं चाहेगा कि उसके आयोजन किसी भी तरह चीन से हल्का रहे.
जहां तक 2012 ओलंपिक के स्थल का सवाल है, स्ट्रैटफर्ड में चुना गया ये स्थान ढाई वर्ग किलोमीटर में फैला है. ये उतना ही बड़ा है जितना लंदन का हाइड पार्क और कैनसिंगटन गार्डन मिलाकर बनता है.
80 हज़ार दर्शकों की क्षमता वाले स्टेडियम का निर्माण तेज़ी से चल रहा है, लेकिन सावल ये है कि क्या बीजिंग के बर्ड्स नैस्ट एरीना की चकाचौंध का मुकाबला ये स्टेडियम कर पाएगा, हालांकि बात चल रही है इस स्टेडियम में एक किलोमीटर लंबी वीडियो स्क्रीन लगाने की भी.
लंदन के मेयर बोरिस जॉनसन का कहना है कि ये स्टेडियम की सुंदरता ऐसी जादुई होनी चाहिए कि देखने वालों के दिलों से वाह वाह निकले.
लेकिन जहां बीजिंग ओलंपिक्स के लिए चीन ने 40 अरब डॉलर से ज्यादा ख़र्च कियेवहीं बोरिस जॉनसन का बजट है 17 अरब डॉलर. बजट में इस
भारी अंतर को देखते हुए ऐसी आशंकाएं उठ रही हैं कि लंदन, बीजिंग ओलंपिक के उदघाटन और समापन सममारोह की भव्यता का मुकाबला नहीं
कर पाएगा लेकिन बोरिस जॉनसन का कहना है कि 2012 ओलंपिक्स बेइज़िंग से कहीं ज्यादा भव्य और यादगार रहेगा.