मंगलवार, 12 अगस्त, 2008 को 05:29 GMT तक के समाचार
ओलंपिक में मंगलवार को जहाँ भारतीय निशानेबाज़ों और तीरंदाज़ों ने निराश किया वहीं मुक्केबाज़ी में अखिल और जीतेंद्र ने ओलंपिक पदक की उम्मीदें जगाई है.
ताज़ा मुक़ाबले में 54 किलोग्राम वर्ग में अखिल कुमार ने फ़्रांस के अली हल्लाब को 12-5 से हराकर प्री क्वार्टर फ़ाइनल में जगह बना ली.
चार दौर तक खिंचे इस मुक़ाबले में अखिल ने शुरुआती दो राउंड में ही शानदार बढ़त बना ली थी जिससे उनके प्रतिद्वंद्वी को वापसी का मौका नहीं मिला.
इससे पहले जीतेंद्र कुमार ने पहले राउंड के मुक़ाबले में तुर्की के फ़ुर्कस उलास मेमिस को मात देकर प्री क्वार्टरफ़ाइनल में जगह बना ली.
फ़्लाइ वेट वर्ग के इस मुक़ाबल को जीतने में जीतेंदर ने तीन राउंड से भी कम समय लिया.
उनके घूंसों का मेमिस के पास कोई जवाब नहीं था और 13-2 की विशाल बढ़त हासिल करने के बाद मेमिस ने हार स्वीकार कर ली.
एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीत चुके जीतेंद्र ने पहले राउंड में 5-0 की बढ़त बनाई और दूसरे दौर में 9-2 से आगे रहे. तीसरा राउंड शुरु होते ही उनके प्रतिद्वंद्वी ने हार मान ली.
इससे पहले भारतीय मुक्केबाज़ विजेंदर भी अपना पहला मुक़ाबला जीत चुके हैं.
निशानेबाज़ों ने किया निराश
उम्मीद की जा रही थी कि अभिनव बिंद्रा के स्वर्ण पदक जीतने के बाद बाकी के भारतीय निशानेबाज़ भी बेहतर प्रदर्शन करेंगे लेकिन ऐसा नहीं हो सका.
राज्यवर्धन सिंह राठौर और समरेश जंग ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. दोनों क्वालिफ़ाइंग राउंड भी पार नहीं कर पाए.
एथेंस ओलंपिक में रजत पदक हासिल करने वाले राठौर अपनी विफलता के बाद बेहद भावुक हो उठे और कहा, 'मुझे पता नहीं कि दोबारा ओलंपिक में आ पाऊंगा या नहीं.'
डबल ट्रैप शूटिंग के क्वालिफ़ाइंग दौर में राठौर ने 19 शूटरों में बारहवाँ स्थान रहा. उन्होंने तीन राउंड में 43, 45 और 43 अंक जुटाए.
इटली के फ्रांसेस्को डी एनिएलो ने 141 अंक लेकर पहला स्थान हासिल किया.
राज्यवर्धन 150 में से 131 अंक ही जुटा पाए. जबकि एथेंस ओलंपिक में उन्होंने रजत पदक जीतने के लिए 150 में से 134 अंक जुटाए थे.
एथेंस ओलंपिक के बाद से ही राज्यवर्धन अपने फॉर्म के लिए जूझ रहे थे. इस खेल के जानकारों के मुताबिक उनके अंदर आत्मविश्वास कुछ कम नज़र आ रहा था.
वो पिछले चार साल से लगातार मेहनत कर रहे थे और फॉर्म में वापसी के लिए उन्होंने अपनी तकनीक भी बदली थी. राठौर ने अपनी रायफ़ल भी बदल ली थी.
इससे पहले राज्यवर्धन की तरह समरेश जंग भी 50 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा के क्वालिफ़ाइंग राउंड में ही बाहर हो गए. समरेश जंग पचास मीटर एयर रायफ़ल में 42वें स्थान पर रहे.
तीरंदाज़ों का निशाना चूका
वैसे शूटिंग में भारत को पदक की उम्मीद अब गगन नारंग और अंजलि भागवत से बनी हुई हैं.
उधर तीरंदाज़ी के खेमे से भी भारत के लिए बुरी ख़बर आई. डोला बनर्जी और बोम्बेला बाहर हो गईं. परिणीता वर्धिणेनी ने पहले दौर की बाधा तो पार कर ली लेकिन दूसरे दौर में वो हार गईं.
सिंगल्स में डोला बनर्जी का मुक़ाबला कनाडा की मैरी पिएरे से हुआ. हालांकि मुक़ाबला कड़ा था और दोनों 109 पर टाई रही थीं. उसके बाद शूट-ऑफ में डोला चूक कर गईं और आठ के मुक़ाबले 10 अंकों से हार कर बाहर हो गईं.
उधर बोम्बेला देवी ने पोलैंड की इवोना को तगड़ी टक्कर दी और दोनों आख़िर तक बराबरी पर रहे लेकिन अंत में बोम्बेला ग़लती कर बैठीं.
भारत की पदक की उम्मीद बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल से बरक़रार हैं. उनका मुक़ाबला अब सेमीफ़ाइनल दौर के लिए होना है.
सोमवार को साइना ने रैंकिंग अपने से कहीं ऊपर चौथे नंबर की हांगकांग की खिलाड़ी चेन वांग हराया था.