सोमवार, 11 अगस्त, 2008 को 06:20 GMT तक के समाचार
बीजिंग ओलंपिक खेलों में भारत के लिए 10 मीटर एयर राइफ़ल शूटिंग में स्वर्ण जीतने वाले भारत के निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने 12 साल की उम्र से ही कुछ कर गुज़रने की ठानते हुए अभ्यास शुरू कर दिया था.
देहरादून में पैदा हुए और चंडीगढ़ में पले बढ़े अभिनव बिंद्रा वर्ष 2000 में सिडनी ओलंपिक में हिस्सा लेने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय भी बने. उनका जन्म 28 सितंबर, 1982 को हुआ था.
उन्होंने 2001 में विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में छह स्वर्ण पदक हासिल किए थे जबकि 2002 में मैनचेस्टर में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में उन्होंने युगल प्रतिस्पर्धा में स्वर्ण और व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धा में रजत पदक हासिल किया था.
सन 2004 के ओलंपिक में उन्होंने ओलंपिक का रिकॉर्ड तो तोड़ा था लेकिन वे कोई मेडल लेने से चूक गए थे.
प्रतिभा की खोज
पाँच फ़ुट आठ इंच लंबाई वाले अभिनव को 2001 में अर्जुन पुरस्कार और 2001-2002 में राजीव गांधी खेल रत्न से नवाज़ा गया.
28 सालों के बाद भारत के लिए स्वर्ण लेकर प्रतिष्ठा दिलाने वाले अभिनव बिंद्रा की प्रतिभा को सबसे पहले लेफ़्टिनेंट जनरल जेएस ढिल्लन ने पहचाना. वे ही अभिनव के पहले कोच थे.
अभिनव खिलाड़ी होने के साथ साथ एक उद्यमी भी हैं. अभिनव फ्यूचरिस्टिक नाम की कंपनी के सीईओ है. निशानेबाज़ अभिनव को एयर राइफ़ल के क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल है.
एक शूटर होने के अलावा 23 वर्षीय अभिनव ने एमबीए की डिग्री भी हासिल की है जो उनके दूसरे व्यवसाय में उनकी सहायक है.