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शनिवार, 09 अगस्त, 2008 को 08:19 GMT तक के समाचार

पहला स्वर्ण चेक का, चीन ने खाता खोला

बीजिंग में ओलंपिक खेलों की भव्य शुरुआत के बाद पहला स्वर्ण पदक चेक गणराज्य ने जीता है. मेज़बान चीन ने निशानेबाज़ी और भारोत्तोलन में स्वर्ण पदक जीते हैं.

भारत के लिए भी पहला दिन मायूसी भरा रहा. भारतीय निशानेबाज़ों, जूडेका और तीरंदाज़ों की चुनौती क्वालीफाइंग दौर में ही टूट गई.

ओलंपिक खेलों के पहला दिन चीन के लिए मिलाजुला रहा.

चीन को महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफ़ल स्पर्धा में जीत का दावेदार माना जा रहा था, लेकिन उसके निशानेबाज़ों के निशाने चूक गए और उन्हें कोई पदक हासिल नहीं हुआ.

पहला स्वर्ण

इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक चेक गणराज्य की कैटरीना इमोंस को मिला और इस तरह वह खेलों के महाकुंभ के बीजिंग संस्करण की पहली स्वर्ण पदक विजेती बनीं.

कैटरीना ने एथेंस ओलंपिक में इसी स्पर्धा में कांसे पर निशाना साधा था.

इस स्पर्धा का रजत पदक रूस की लिओयुबोव गाल्किना और कांस्य पदक क्रोएशिया की सेज़ाना पेजासिक के खाते में गया.

हालाँकि चीन ने महिलाओं की 48 किलो भारोत्तोलन स्पर्धा में पहला स्वर्ण पदक हासिल किया. चेन ज़िझिया ने 212 किलो वज़न उठाकर देश को पहला स्वर्ण दिलाया.

चीन को दूसरा स्वर्ण पुरुषों की निशानेबाज़ी स्पर्धा में मिला. 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में पेंग वेई ने स्वर्ण पदक जीता.

भारतीय चूके

ढेर सारी उम्मीदों के साथ बीजिंग पहुँचे भारतीय महिला और पुरुष निशानेबाज़ों के निशाने लक्ष्य से भटकते रहे.

अंजलि भागवत और अवनीत कौर सिद्धू 10 मीटर एयर राइफ़ल में मुख्य दौर के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकीं.

क्वालीफाइंग दौर में अंजलि 29वें स्थान पर रहीं, जबकि अवनीत कौर 39वें स्थान पर पिछड़ गईं.

क्वालीफाइंग दौर में अंजलि ने 400 में से 393 अंक जुटाए, जबकि अवनीत सिर्फ़ 389 अंक ही जुटा सकी.

पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में समरेश जंग फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर सके.

मेलबोर्न राष्ट्रमंडल खेलों में कई स्वर्ण पदक जीतने वाले समरेश 600 में से 570 अंक जुटा सके और 48 निशानेबाजों की होड़ में 42वें स्थान पर पिछड़ गए.

तीरंदाज़ भी फुस्स

तीरंदाज़ी में भी भारत को निराशा हाथ लगी. भारत की सबसे बड़ी पदक उम्मीद विश्व चैंपियन डोला बनर्जी क्वालीफाइंग दौर में ही बाहर हो गईं.

डोला बनर्जी क्वालीफाइंग दौर में 31वें स्थान पर रहीं, जबकि बॉम्बयाला देवी अच्छे प्रयास के बावजूद 22वें स्थान से ऊपर नहीं चढ़ सकीं.

जूडो में भी भारत की शुरुआत बेहत खराब रही. महिलाओं के 48 किलोग्राम भार वर्ग में तोम्बी कुमुजम देवी का ओलंपिक सफर ढ़ाई मिनट से आगे नहीं बढ़ सका.

मणिपुर की ये जूडोका पुर्तगाल की एना होर्मिगो के आगे नहीं टिक सकीं.

जूडो में अब 78 किलो भार वर्ग में दिव्या तेवर इकलौती भारतीय चुनौती बची हैं.

प्रदर्शन

इस बीच, ओलंपिक में तिब्बतियों का प्रदर्शन एक बार फिर चर्चा में आ गया.

खेलों के महाकुंभ में शुरुआती दिन ही एक छात्रा ने तिब्बत का झंडा लहराने का प्रयास किया, लेकिन अधिकारी उसे तुरंत प्रतियोगितास्थल से ले जाने में सफल रहे.

दरअसल हाँगकाँग की पोशाक पहने क्रिस्टिना चान तिब्बती झंडे को कनाडा के झंडे में छिपाकर ले गई थी.

सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें तुरंत प्रतियोगितास्थल से चले जाने को कहा, लेकिन क्रिस्टिना ने ऐसा करने से इनकार कर दिया. बाद में उन्हें एक और प्रदर्शनकारी के साथ जबरन बाहर कर दिया गया.