बुधवार, 06 अगस्त, 2008 को 07:16 GMT तक के समाचार
भारतीय भारोत्तोलक मोनिका देवी ने कहा कि वो बेकसूर हैं और उन्हें नहीं मालूम कि किस डोपिंग टेस्ट में उन्हें दोषी पाया गया है.
दिल्ली में पत्रकारों से भावुक होकर उन्होंने कहा कि उनके 30 डोपिंग परीक्षण हो चुके हैं और वो एक में भी दोषी नहीं पाईं गईं हैं और चीन जाने से कुछ घंटे पहले उनसे कहा गया कि वो डोप टेस्ट दोषी पाईं गईं हैं.
उन्होंने रोते हुए कहा,'' यदि मैं डोप डेस्ट में दोषी पाईं जाऊं तो मुझ पर जीवनभर के लिए पाबंदी लगाने की बजाए गोली मार दी जाए.''
मोनिका देवी ने इसके लिए भारतीय भारोत्तोलन महासंघ की राजनीति को ज़िम्मेदार ठहराया और कहा कि संघ के एक पदाधिकारी एक अन्य भारोत्तोलक को भेजने के इच्छुक थे.
भारतीय भारोत्तोलन संघ के सचिव बीआर गुलाटी ने भी मोनिका देवी का समर्थन किया और कहा कि किसी को भी ये जानकारी नहीं है कि मोनिका किस परीक्षण में दोषी पाई गईं हैं.
रोकी गईं
ग़ौरतलब है कि मंगलवार की रात ऐसी ख़बरें आईं थीं कि मोनिका देवी को डोप टेस्ट में असफल रहने के कारण अंतिम क्षणों में बीजिंग ओलंपिक खेलों में हिस्सा लेने से रोक दिया गया है.
ख़बरों के अनुसार वो अब बीजिंग नहीं जा सकेंगी.
कोटा प्रणाली के तहत भारोत्तोलन में केवल एक भारतीय को ही ओलंपिक में भाग लेने की अनुमति दी गई थी.
शैलजा पुजारी और मोनिका देवी दोनों ही ओलंपिक में जाने की प्रबल दावेदार थीं लेकिन काफ़ी विवाद के बाद भारतीय भारोत्तोलन महासंघ ने मोनिका को ही बीजिंग भेजने का फ़ैसला किया था.
ग़ौरतलब है कि मोनिका 69 किलोग्राम वर्ग में भाग लेने वाली थीं, उनका चयन शैलेजा पुजारी की जगह पर किया गया था.
मोनिका ने 2006 के राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीता था. उन्होंने एशियाई खेलों में भी पदक जीते थे.