शनिवार, 02 अगस्त, 2008 को 17:16 GMT तक के समाचार
बीजिंग ओलंपिक में अब एक सप्ताह भी नहीं बचा है और वहां इंटरनेट पर लगी सेंसरशिप को लेकर जारी विवाद सुलझते नहीं दिख रहे.
शनिवार को अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) की बैठक में भी यही विषय छाया रहा.
ओलंपिक समिति ने यह स्वीकार किया कि चीन में इंटरनेट की पूरी आज़ादी की अपेक्षा करना नादानी है लेकिन आईओसी के प्रमुख ज्याक रॉख़े ने इस विवाद को हवा देने के मामले पर क्षमा मांगने से इनकार कर दिया.
ज्याक रॉख़े ने बीज़िंग पहुँचने के बाद कहा है कि इंटरनेट के इस्तेमाल को लेकर सरकार के साथ कोई सौदेबाज़ी नहीं हुई है.
उन्होंने कहा, "मैं ये स्पष्ट करना चाहता हूँ कि ओलंपिक खेल कवर करने के लिए हमें अलग-अलग तरह के मीडिया का इस्तेमाल करने की इजाज़त होनी चाहिए. मैं पूरा ज़ोर देकर कहना चाहता हूँ कि पाबंदियों को स्वीकार करने के लिए कोई सौदेबाज़ी नहीं हुई है".
विवाद इसलिए उठ खड़ा हुआ क्योंकि इस हफ़्ते की शुरुआत में राजनीतिक तौर पर संवेदनशील कुछ वेबसाइटों को जाम कर दिया गया था जबकि अधिकारियों ने ये भरोसा दिलाया था कि विदेशी पत्रकारों को इंटरनेट इस्तेमाल करने की खुली छूट होगी.
जिन वेबसाइटों पर चीन में पाबंदी है उनमें वीकिपीडिया जैसे साइटें भी शामिल हैं जिनका लोग आम तौर पर रिसर्च के लिए इस्तेमाल करते हैं.
चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया से अपील की है कि इस मुद्दे को राजनीतिक रंग न दिया जाए.
अन्य मुद्दे
ये एक ऐसा मुद्दा है जिसके कारण ओलंपिक खेलों के माहौल में धुँध छाई हुई है. दूसरी बड़ी समस्या है प्रदूषण की. बीज़िंग की हवा इतनी प्रदूषित है कि खेलों में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ी इस बात से चिंतित हैं.
ओलंपिक समिति इस बात पर विचार कर रही थी कि ग्रीक धाविका कैटरीना थानऊ को प्रतियोगिता में हिस्सा लेने दिया जाए या नहीं.
2004 के ओलंपिक खेलों में उन पर प्रतिबंधित दवाएँ लेने का आरोप लगा था तब उन्होंने ओलंपिक प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं लिया था और उन पर दो साल के लिए प्रतिबंध भी लगा दिया गया था.
ओलंपिक समिति ने बीज़िंग ओलंपिक में उनकी हिस्सेदारी पर अंतिम फ़ैसला अभी नहीं किया है. उनके वकील ने धमकी दी है कि अगर उन्हें प्रतियोगिता में हिस्सा लेने से रोका गया तो वो ओलंपिक समिति को अदालत में खींच लेंगे.