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शनिवार, 26 जुलाई, 2008 को 06:30 GMT तक के समाचार

भारत पारी और 239 रन से हारा

कोलंबो टेस्ट में भारतीय बल्लेबाज़ मुरलीधरन और मेंडिस की फ़िरकी के आगे पस्त हो गए और श्रीलंका के ख़िलाफ़ भारत टेस्ट पारी और 239 रनों से हार गया.

ऑफ़ स्पिनर मुथैया मुरलीधरन ने मैच में 11 विकेट लिए और उन्हें मैन ऑफ़ द मैच घोषित किया गया.

अपना पहला टेस्ट खेल रहे अजंता मेंडिस की फ़िरकी भी भारतीय बल्लेबाज़ों के लिए पहेली बनी रही. मेंडिस ने 8 विकेट लिए.

पहली पारी में वीवीएस लक्ष्मण और दूसरी पारी में गौतम गंभीर को छोड़कर कोई भी बल्लेबाज़ उस विकेट पर टिके रहने का साहस नहीं दिखा सका, जिस पर श्रीलंका ने 6 विकेट पर 600 रन का पहाड़ सरीखा स्कोर बनाकर पारी घोषित कर दी थी.

मेजबान टीम के विशाल स्कोर के जवाब में भारत की पहली पारी 223 रनों पर सिमट गई थी और उसे फ़ॉलोऑन के लिए मज़बूर होना पड़ा था.

'सूरमा' पस्त

लेकिन दूसरी पारी में भी भारतीय 'सूरमा' मुरली और अजंता का तोड़ नहीं ढूंढ पाए.

दूसरी पारी में इन दोनों गेंदबाज़ों का आतंक भारतीय बल्लेबाज़ों पर तारी रहा और वीरेंद्र सहवाग, सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, सौरभ गांगुली जैसे 'दिग्गजों' से सजी भारतीय टीम 123 के स्कोर पर ढह गई.

दूसरी पारी में सिर्फ़ बाएँ हाथ के बल्लेबाज़ गौतम गंभीर ही थोड़ा बहुत संघर्ष दिखा सके. उन्होंने 90 गेंदों पर 43 रन बनाए. गंभीर को मुरलीधरन ने विकेटकीपर जयवर्धने के हाथों स्टंप आउट कराया.

पहली पारी में 56 रनों की संघर्षपूर्ण पारी खेलने वाले वीवीएस लक्ष्मण दूसरी पारी में कुछ ख़ास नहीं कर सके और महज 21 रन बनाकर पैविलियन वापस लौट गए.

श्रीलंका ने छह सौ पर पारी घोषित की

तेंदुलकर एक बार फिर नाकाम रहे और सिर्फ़ 10 रन ही बना सके, द्रविड़ भी 12 रन से आगे नहीं बढ़ सके.

मुरली-मेंडिस का कहर

दरअसल, मुरली और मेंडिस ने किसी भी भारतीय बल्लेबाज़ को जमने का मौका ही नहीं दिया.

सहवाग, सचिन और द्रविड़ को पहले अंपायर मार्क बेनसन और बिली डॉक्टरोव ने नॉट आउट करार दिया, लेकिन श्रीलंका के कप्तान महेला जयवर्धने ने नए नियम के तहत इन फ़ैसलों की समीक्षा की मांग की और टीवी अंपायर से सलाह मशविरे के बाद उन्होंने अपने फ़ैसले बदल दिए.

भारतीय बल्लेबाज़ मुरली और मेंडिस की फ़िरकी की थाह पाने में लगातार दूसरी बार नाकाम रहे.

नियमित अंतराल पर लग रहे झटकों से भारत आखिरी तक संभल नहीं पाया और पूरी टीम 123 के स्कोर ही सिमट गई.

इससे पूर्व, पहली पारी में चौथे दिन भारतीय बल्लेबाज़ सिर्फ़ 64 रन और जोड़ सके. इस तरह पहली के आधार पर भारत 377 रनों से पीछे रहा.

श्रीलंका की ओर से मुरलीधरन ने पहली पारी में पाँच और मेंडिस ने चार विकेट चटकाए. दूसरी पारी में भी मुरलीधरन का कहर जारी रहा और उन्होंने छह भारतीय बल्लेबाज़ों को पैवेलियन की राह दिखाई, जबकि मेंडिस ने चार बल्लेबाज़ों को आउट किया.