शुक्रवार, 25 जुलाई, 2008 को 13:21 GMT तक के समाचार
कोलंबो में भारत-श्रीलंका टेस्ट मैच का तीसरा दिन एक बार फिर श्रीलंका के नाम रहा.
पारी घोषित करने से पहले श्रीलंकाई बल्बेबाज़ों ने जहाँ 600 का बड़ा स्कोर खड़ा कर दिया तो गेंदबाज़ी में चार विकेट लेकर मुरलीधरन ने भारतीय बल्लेबाज़ी को करारा झटका दिया.
भारत तीसरे दिन का खेल ख़त्म होने तक छह अहम विकेट गंवाकर केवल 159 रन ही बना पाया. अब उस पर फ़ॉलोऑन का ख़तरा मंडरा रहा है.
दूसरे दिन का खेल ख़त्म होने पर श्रीलंका का स्कोर था चार विकेट के नुकसान पर 422 रन. तीसरे दिन का खेल समरवीरा और दिलशान ने आगे बढ़ाया.
समरवीरा 111 रन बनाकर अपना शतक तो दूसरे ही दिन पूरा कर चुके थे. शुक्रवार को उन्होंने केवल 17 रन और जोड़े थे कि ज़हीर खान की गेंद पर लक्ष्मण को कैच थमा बैठे. उन्होंने 127 रन बनाए.
लेकिन दूसरे छोर पर दिलशान पूरी तैयारी से आए थे. उन्होंने दनादन रन बनाने शुरु किए और मैदान पर ख़ूब चौके लगाए. भारतीय गेंदबाज़ इस बीच असहाय नज़र आए.
तीसरे दिन समरवीरा के बाद गेंदबाज़ केवल प्रसन्ना जयवर्धने को आउट कर पाए. हरभजन सिंह ने उन्हें 30 पर आउट किया.
दिलशान की शानदार बल्लेबाज़ी की बदौलत श्रीलंका ने छह विकेट के नुकसान पर 600 रन का आँकड़ा जुटा लिया था. तभी श्रीलंका ने पारी समाप्ति की घोषणा कर दी. दिलशान 125 रन बनाकर नाबाद रहे. इससे पहले दूसरे दिन के खेल में श्रीलंका के तीन खिलाड़ियों ने शतक बनाए थे- वर्णपुरा, महेला जयवर्धने और समरवीरा.
भारतीय पारी
भारतीय पारी की शुरुआत वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर ने की. शुरुआत तो तेज़ी से हुई लेकिन छठे ओवर में ही सहवाग अपना विकेट गंवा बैठे. वे केवल 25 रन बना पाए.
इसके बाद गंभीर को 39 के निजी स्कोर पर मुरलीधरन ने अपना शिकार बनाया. भारतीय विकेट गिरना का सिलसिला इसके बाद से लगातार जारी रहा. द्रविड़ 14 ही रन बना पाए. उन्हें अजंता मेंडिस ने पवेलियन पहुँचाया. उस समय भारत का स्कोर था तीन विकेट पर 79 रन.
भारत को सबसे ज़्यादा नुकसान मुरली ने ही पहुँचाया.
सचिन से लोगों को बड़ी उम्मीदें थीं. इस मैच से पहले वे सर्वाधिक टेस्ट रन बनाने के रिकॉर्ड से 172 रन दूर थे. लेकिन मुरली ने उन्हें केवल 27 रन पर आउट कर दिया. इसके बाद गांगुली भी 23 रन पर मुरली का ही शिकार बने.
ग़ज़ब फ़ॉर्म में दिख रहे मुरली ने इसके बाद कार्तिक को भी सस्ते में निपटा दिया.
दिन का खेल ख़त्म होने पर लक्ष्मण 19 और कुंबले एक रन के स्कोर पर खेल रहे थे और भारत का कुल स्कोर था छह विकेट के नुकसान पर केवल 159 रन.
श्रीलंका की ओर से मुरलीधरन ने चार विकेट और मेंडिस ने एक विकेट लिया.