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गुरुवार, 24 जुलाई, 2008 को 11:31 GMT तक के समाचार

नए नियम के तहत कुंबले की चुनौती

आईसीसी के नए नियमों के तहत भारतीय कप्तान अनिल कुंबले ने टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में पहली बार अंपायर के फ़ैसले को चुनौती दी है, श्रीलंका के ख़िलाफ़ कोलंबो में खेले जा रहे टेस्ट मैच में टीवी रिप्ले के ज़रिए फ़ैसला करने की माँग की है.

हरभजन सिंह की गेंद पर मलिंडा वर्णपुरा को एलबीडब्ल्यू आउट नहीं दिए जाने के बाद अनिल कुंबले ने नए नियमों के तहत ये चुनौती दी है.

हालांकि अंपायर के निर्णय को चुनौती देने का कोई फ़ायदा भारतीय टीम को नहीं मिला क्योंकि थर्ड अंपायर रूडी कोर्त्ज़ेन ने अंपायर के फ़ैसले को सही ठहराया और वर्णपुरा को आउट नहीं माना.

थर्ड अंपायर ने टीवी रिप्ले देखने के बाद कहा था कि भज्जी की गेंद वर्णपुरा के लेफ़्ट स्टंप को छोड़कर निकल जाती इसलिए वे आउट नहीं माने जा सकते.

नए नियमों के मुताबिक़ हर टीम एक पारी में अंपायर के निर्णय को कई बार चुनौती दे सकती है लेकिन एक पारी में तीन बार से अधिक विफलतापूर्वक चुनौती नहीं दी जा सकती, यानी अब कुंबले के पास अंपायर के निर्णय को चुनौती देने के दो और अवसर हैं लेकिन अगर वर्णपुरा के मामले में अंपायर का निर्णय ग़लत हुआ रहता तो उनके पास तीन अवसर होते.

नए नियम

नए नियम के तहत फील्डिंग करने वाली टीम का कप्तान या आउट क़रार दिया गया बल्लेबाज़ ही अपील कर सकता है.

अपील करने के लिए कप्तान या बल्लेबाज़ को अपने दोनों हाथ उठाकर अंग्रेज़ी के अक्षर 'टी' का निशान बनाना पड़ता है जिसका अर्थ होता है टीवी रिप्ले के ज़रिए फ़ैसला हो.

आईसीसी ने इस नए प्रावधान को भारत-श्रीलंका सिरीज़ के दौरान आज़माने का फ़ैसला किया है क्योंकि दक्षिण अफ्रीका-इंग्लैंड सिरीज़ में इसे लागू करने पर सहमति नहीं बन सकी थी.

भारत-श्रीलंका सिरीज़ के समाप्त होने के बाद आईसीसी इस नए प्रावधान की समीक्षा करेगी.

परंपरागत नियमों के मुताबिक़ थर्ड अंपायर की राय ली जानी है या नहीं, इसका फ़ैसला मैदान पर मौजूद अंपायर ही करते हैं.