बुधवार, 23 जुलाई, 2008 को 23:14 GMT तक के समाचार
आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफ़ी की मेज़बानी पाकिस्तान के पास रहती है या नहीं, इस बात का फ़ैसला गुरुवार को होगा.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के 10 सदस्य देश इस संबंध में फ़ैसला करेंगे.
इधर, भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने चैम्पियंस टॉफ़ी के पाकिस्तान में आयोजन का समर्थन किया है.
रविवार को आईसीसी ने इसमें हिस्सा लेनेवाली आठ टीमों को सुरक्षा के बारे में जानकारी दी थी.
इसमें ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ़्रीका, न्यूज़ीलैंड, भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, इंग्लैंड और वेस्टइंडीज़ की टीमें शामिल थीं.
आईसीसी पाकिस्तान में खिलाड़ियों सुरक्षा को लेकर चिंतित है और उसका मानना है कि ये पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की सीमा से बाहर हैं.
ग़ौरतलब है कि पिछले महीने इस्लामाबाद में हुए आत्मघाती हमले में 15 लोग मारे गए थे.
आईसीसी ने एक बयान में कहा,'' इस बात को सबने माना कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने एशिया कप के दौरान उच्च स्तर की सुरक्षा प्रदान की थी और वो आईसीसी चैंपियंस टॉफ़ी में भी ऐसा ही करेगा. लेकिन पीसीबी के नियंत्रण के बाहर के ख़तरों पर खासी चिंता व्यक्त की गई.''
पाकिस्तान की दलील
पाकिस्तान का कहना है कि 18 दिन की इस प्रतियोगिता को लेकर सुरक्षा कोई चिंता का विषय नहीं है.
ग़ौरतलब है कि इस साल चैम्पियंस ट्रॉफ़ी 11 से 28 सितंबर तक पाकिस्तान में आयोजित की जानी है.
इसके मैच लाहौर, कराची और रावलपिंडी में होने हैं. लेकिन इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड ने पाकिस्तान में सुरक्षा स्थिति पर चिंता व्यक्त की थी.
ऑस्ट्रेलिया ने तो इस साल मार्च में अपने पाकिस्तान दौरे को भी रद्द कर दिया था.
इसके पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हारून लॉरगेट ने कहा था, "आईसीसी अपनी किसी भी प्रतियोगिता में खिलाड़ियों की सुरक्षा के साथ समझौता नहीं करेगा. अगर इसके लिए किसी देश में खेलना न पड़े तो हम वो भी करेंगे."
एक प्रस्ताव ये प्रतियोगिता पाकिस्तान के बजाए श्रीलंका में कराए जाने का है.