आईपीएल आयोजकों ने कहा है कि इस साल हुई आईपीएल प्रतियोगिता के दौरान पाकिस्तानी तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद आसिफ़ प्रतिबंधित दवा के सेवन के मामले में दोषी पाए गए हैं.
आईपीएल ने बयान जारी कर कहा है, "आईपीएल ने वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी की मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला के नतीजों को पढ़ा है और उसकी तुलना स्वीडन की एक स्वतंत्र एजेंसी के नतीजों से की है. अब पुष्टि हो गई है कि जिस खिलाड़ी ने नियमों का उल्लंघन किया है वो मोहम्मद आसिफ़ है."
पच्चीस वर्षीय आसिफ़ आईपीएल में डेल्ही डेयरडेविल्स के लिए खेले थे.
रविवार को एक टेलीविज़न चैनल के साथ बातचीत के दौरान आईपीएल के कमिश्नर ललित मोदी ने कहा था कि उन्हें इस मामले के बारे में जानकारी है कि लेकिन उन्होंने रविवार को खिलाड़ी का नाम नहीं बताया था.
मोदी का कहना था कि प्रक्रिया के तहत ही उक्त खिलाड़ी को सूचित किया जाएगा और उसका बी नमूना टेस्ट के लिए भेजा जाएगा और इस परीक्षण के दौरान खिलाड़ी को मौजूद रहने की अनुमति दी जाएगी.
आमतौर पर जब किसी खिलाड़ी के बी सैंपल में भी डोपिंग पाई जाती है तभी उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाती है.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद् कह चुका है कि इंडियन प्रीमियर लीग के दौरान एक खिलाड़ी के प्रतिबंधित दवाएँ लेने का मामला बीसीसीआई ही निपटाएगा.
परिषद का कहना है, "जब भी आईसीसी सदस्यों द्वारा आयोजित किसी प्रतियोगिता में ऐसा मामला आता है तो ये उस सदस्य की ज़िम्मेदारी
होती है कि वे उससे निष्पक्ष तरीके से निपटे. यहाँ ये सदस्य बीसीसीआई है."
आईसीसी ने कहा है कि बीसीसीआई इससे कैसे निपटता है, इस पर उसकी नज़र रहेगी ताकि दोषी खिलाड़ी को सज़ा मिल सके.
आसिफ़ का रिकॉर्ड
आईपीएल प्रतियोगिता के ख़त्म होने के बाद पाकिस्तान लौटते समय दुबई पुलिस ने कथित तौर पर 'नशीले पदार्थ' रखने के आरोप में आसिफ़ को हिरासत में लिया गया था.
19 दिनों की हिरासत के बाद आसिफ़ को आरोप मुक्त घोषित किया गया था.
दुबई से लाहौर पहुँचकर आसिफ़ ने कहा था, "मैने कोई मादक पदार्थ नहीं लिया. मैं चुनौती देता हूँ कि कोई ये साबित करके दिखाए कि मैने कभी मादक पदार्थ लिए. आईपीएल के लिए भी मेरा परीक्षण हुआ था, अगर मैने ड्रग्स लिए होते तो तभी नतीजा पॉज़िटव आ जाता. "
नवंबर 2006 में भी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के जाँच ट्राइब्यूनल ने डोपिंग टेस्ट पॉज़ीटिव पाए जाने के बाद आसिफ़ पर एक साल का प्रतिबंध लगा दिया था.
लेकिन बाद में पीसीबी के अपीलीय ट्राइब्यूनल ने मोहम्मद आसिफ़ को डोपिंग मामले में क्लीन चिट देते हुए उन पर लगा प्रतिबंध हटा लिया था.
ट्वेन्टी-20 विश्व कप के दौरान भी पाकिस्तान के तेज़ गेंदबाज़ शोएब अख़्तर और मोहम्मद आसिफ़ के बीच हाथापाई हो गई थी.