सोमवार, 07 जुलाई, 2008 को 11:00 GMT तक के समाचार
श्रीलंका के स्पिनर अजंता मेंडिस ने एशिया कप के फ़ाइनल में भले ही छह विकेट झटक कर अपनी टीम को जीत दिलाई हो किन भारतीय टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी यह मानने से इंकार करते हैं कि मेंडिस आने वाली टेस्ट सिरीज़ में ख़तरा बनकर उभर सकते हैं.
उन्होंने कहा कि समय आने पर भारत के अनुभवी टेस्ट खिलाड़ी उनसे निपट लेंगे.
मेंडिस ने एशिया कप के फ़ाइनल मुक़ाबले में अकेले ही छह विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाज़ों की धज्जियाँ उड़ा दी थीं.
धोनी ने कहा कि मेंडिस इसलिए कड़े प्रतिस्पर्धी साबित हुए हैं क्योंकि भारतीय टीम उनके साथ पहली बार खेली है. लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि जब भारतीय टीम को उनके साथ खेलने की आदत हो जाएगी तो भारतीय बल्लेबाज़ उनका यह रहस्य भी खोल देंगे.
उन्होंने कहा, "मेंडिस की गेंदबाज़ी काफ़ी मुश्किल है लेकिन इसके साथ ही अच्छी बात यह है कि श्रीलंका में हम अगला टेस्ट मैच खेलेंगे. तब हमारे खिलाड़ियों पर मुकाबला करने का दबाव नहीं रहेगा और उन्हें धीरे-धीरे उनके साथ खेलने की आदत पड़ जाएगी."
मेंडिस की चुनौती
महेंद्र सिंह धोनी ने कहा, "मेंडिस शानदार गेंदबाज़ हैं और बल्लेबाज़ों को उनके साथ खेलने के लिए काफ़ी तैयारी की ज़रूरत है लेकिन टेस्ट खेलने के लिए हमारे पास अनुभवी खिलाड़ी हैं जो उन्हें अपना प्रदर्शन करने के कुछ ही मौके और देंगे."
धोनी ने यह भी कहा कि खेल में मेंडिस का मुक़ाबला करने के लिए यह महत्वपूर्ण है कि उनके साथ मैदान पर कुछ समय बिताया जाए.
उनके अनुसार, "जब तक आप उसके खिलाफ़ मैदान पर नहीं खेलते, तब तक उनसे निपटना आसान नहीं होगा."
भारतीय कप्तान ने यह भी बताया कि क्यों मेंडिस इतना आक्रामक साबित होते हैं.
उन्होंने कहा, "हम अनिल कुंबले को इसीलिए भेजते हैं ताकि वे तेज़ गेंदबाज़ी करें जो विनाशकारी साबित हो. लेकिन अगर आप मेंडिस के
साथ ज़्यादा खेलते हैं तो पाते हैं कि वे या तो गुगली फेंकते हैं या ऑफ़ स्पिन करते हैं."