गुरुवार, 03 जुलाई, 2008 को 17:27 GMT तक के समाचार
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने ओवल के मैदान पर इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच 2006 में खेले गए टेस्ट मैच को ड्रॉ घोषित कर दिया है.
पहले इस विवादित मैच में अंपायरों ने इंग्लैंड को विजेता घोषित कर दिया था.
गेंद के साथ छेड़छाड़ के आरोपों के बाद पाकिस्तान की टीम ने मैदान पर आने से मना कर दिया था. अंपायरों ने टीम को काफ़ी मनाने की कोशिश की थी लेकिन टीम दोबारा मैदान पर नहीं उतरी थी.
दुबई में आईसीसी के अधिकारियों की बैठक में इस मैच को ड्रॉ घोषित किए जाने का फ़ैसला लिया गया.
हालांकि इससे इंग्लैड-पाकिस्तान के बीच हुए सिरीज़ के अंतिम नतीजे पर कोई फ़र्क नहीं पड़ेगा, सिवाय इसके कि इंग्लैंड की जीत अब तीन-शून्य की जगह दो-शून्य से दर्ज होगी.
आईसीसी के महाप्रबंधक डेव रिचर्डसन ने बीबीसी से कहा, "इस मैच की परिस्थितियाँ एकदम अलग थीं और जो नतीजा घोषित किया गया था वह आईसीसी को ठीक नहीं लगा."
इससे पहले आईसीसी के क्रिकेट बोर्ड ने टेस्ट मैच के नतीजे को पलटने की अपील ख़ारिज कर दी थी.
डेव रिचर्डसन ने स्वीकार किया कि आईसीसी फ़ैसला बदलकर एक उदाहरण पेश कर रहा है और इससे 'बहुत से क्रिकेटरों को आश्चर्य' होगा.
उन्होंने आईसीसी के नियमों में किसी तरह के परिवर्तनों से इनकार करते हुए कहा, "हम आशा करते हैं कि हमें ऐसी किसी परिस्थिति का फिर से सामना नहीं करना पड़ेगा."
आईसीसी की बैठक से पहले 2006 के इस विवाद के केंद्र में रहे पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष शहरयार ख़ान ने कहा था, "टेस्ट का निर्णय बदलने के किसी भी फ़ैसले का हम स्वागत करेंगे."
क्या था विवाद?
ओवल टेस्ट में चौथे दिन चाय के बाद पाकिस्तान की टीम पर गेंद के साथ छेड़छाड़ के आरोप लगे थे.
उस वक्त इंग्लैंड की टीम अपनी दूसरी पारी खेल रही थी और चार विकेट के नुक़सान पर 294 रन बना चुकी थी.
मैच के दौरान जब डेरल हेयर और बिली डॉक्ट्रोव ने गेंद के साथ छेड़छाड़ महसूस की तो उन्होंने इंग्लैंड की टीम को पाँच अतिरिक्त रन भी दिए थे.
अंपायरों के इस निर्णय से पाकिस्तान के खिलाड़ी सहमत नहीं थे.
जब पाकिस्तान की नाराज़ टीम ड्रेसिंग रूम से बाहर नहीं आई तो अंपायरों ने जाकर टीम से बात की थी.
अंपायरों के लाख मनाने के बावजूद पाकिस्तान ने मैदान पर उतरने से मना कर दिया था. जिसकी वजह से अंपायरों ने इस टेस्ट मैच में इंग्लैंड को विजेता घोषित कर दिया था.
इस जीत के साथ ही इंग्लैंड की टीम ने तीनों टेस्ट मैचों की सीरीज़ पर तीन-शून्य से कब्ज़ा कर लिया था.
हालांकि, इस विवाद के बाद आईसीसी के ट्राइब्यूनल के पास चला गया था. जहाँ सुनवाई के दौरान इंज़माम उल हक़ और उनकी टीम को गेंद के साथ छेड़छाड़ के मामले में बरी कर दिया गया था.
इस पूरे विवाद के लिए पाकिस्तान ने मैच के दौरान अंपायर रहे डेरल हेयर को ज़िम्मेदार ठहराया था.
इंज़माम को मिली थी सज़ा
मानमनौव्वल के बाद टीम को पहले मैदान पर न उतारने के कारण और क्रिकेट की गरिमा को नुकसान पहुँचाने के लिए इंज़माम उल-हक़ को चार मैचों के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया था.
ऑस्ट्रेलियाई अंपायर डेरल हेयर को भी आईसीसी ने अपने इलीट अंपयरों के पैनल से हटा दिया था और उन का मामला 'इंडस्ट्रियल ट्राइब्यूनल' को सौंप दिया था.
डेरल हेयर पर इस पूरे विवाद के दौरान रंगभेद के भी आरोप लगे थे.
लेकिन एक हफ़्ते तक ट्राइब्यूनल में चली सुनवाई के बाद हेयर पर से सारे आरोप वापिस ले लिए गए थे और मामला रफ़ा-दफ़ा हो गया था और किसी भी तरह का जुर्माना नहीं लगाया गया था.
इस पूरे विवाद के बाद डेरल हेयर आईसीसी के अंपायरिंग विकास कार्यक्रम में शामिल हुए थे और उन्होंने हाल ही में इंग्लैंड-न्यूज़ीलैंड टेस्ट सीरीज़ के दौरान बतौर अंपायर मैदान पर अपनी वापसी की है.
ओवल मैच को ख़राब करने और पाँचवे दिन के खेल की भरपाई पाकिस्तान ने 2012 में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ एक ट्वेंटी-20 मैच खेलना का वायदा करके की है.