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मंगलवार, 17 जून, 2008 को 06:31 GMT तक के समाचार

ओलंपिक मशाल ज़िनजियांग में

बीजिंग में अगस्त से शुरू हो रहे ओलंपिक की मशाल चीन के मुस्लिम बहुल उत्तर-पश्चिमी प्रांत ज़िनजियांग से गुजर रही है.

ओलंपिक की मेज़बानी कर रहे चीन के अंदर मशाल यात्रा के लिए यह प्रांत काफ़ी संवेदनशील माना जा रहा है.

मशाल प्रांत की राजधानी ऊरुमक़ी के पीपुल्स स्क्वॉयर से आगे के सफ़र पर निकल चुकी है और यात्रा को किसी तरह के उपद्रव से बचाने के लिए सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.

इस प्रांत में मशाल तीन दिन तक रहेगी जहाँ करीब 80 लाख उईघुर मुस्लिम रहते हैं.

चीन सरकार और उईघुरियों के बीच के रिश्ते में तनाव चल रहा है और अधिकारियों को इस बात की आशंका है कि अलगाववादी मशाल यात्रा को निशाना बना सकते हैं.

किसी तरह के हंगामे से बचने के लिए मशाला यात्रा की तारीख़ एक सप्ताह आगे खिसका दी गई थी.

मशाल यात्रा के लिए उरुमक़ी में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है.

पुलिस ने वाहनों की जाँच का काम बढ़ा दिया है और पटाखों पर रोक लगा दी गई है.

इसके साथ ही दर्शकों से कहा गया है कि यात्रा के दौरान वे उन पुलों से दूर रहें जो उनकी पैदल यात्रा के लिए बनाई गई हैं.

आतंकी संगठनों से रिश्ते का आरोप

समाचार एजेंसी एएफ़पी का कहना है कि पीपुल्स स्क्वॉयर जाने वाले लोगों को मेटल डिटेक्टर से गुजरना पड़ रहा है और पुलिस उनके बैग और दूसरे सामानों की जाँच कर रही है.

एएफ़पी के मुताबिक़ मशाला यात्रा की शुरुआत के मौक़े पर करीब तीन हज़ार लोग जुटे थे लेकिन ये सब हान मूल के चीनी थे.

प्राकृतिक संसाधनों से संपन्न ज़िनजियांग प्रांत में आकर बसने वाले हान मूल के लोगों को उईघुरी वहाँ से खदेड़ते रहे हैं.

वहाँ कुछ समूह हैं जो एक स्वतंत्र मुस्लिम देश की माँग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं और इसके कारण इस प्रांत में जब-तब हिंसा की घटनाएँ होती रहती हैं.

चीन सरकार का कहना है कि इन समूहों का संबंध अल क़ायदा से है.

उसका दावा है कि उसने इस साल कम से कम दो ऐसी साज़िशों को विफल कर दिया जिसके निशाने पर ओलंपिक खेल थे और यह षड्यंत्र ज़िनजियांग में रचा गया था.

लेकिन मानवाधिकार समूहों का कहना है कि प्रांत के लोगों के स्वतंत्रता आंदोलन को तोड़ने के लिए चीनी अधिकारी उन पर आतंकी संगठनों से संबंध के आरोप लगा रहे हैं.