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शनिवार, 14 जून, 2008 को 17:44 GMT तक के समाचार

फ़ाइनल में पाकिस्तान ने भारत को हराया

बांग्लादेश में त्रिकोणीय सीरिज़ के फ़ाइनल में पाकिस्तान ने भारत को 25 रन से हरा दिया है.

पाकिस्तान के 316 रनों के जवाब में भारत 290 रन ही बना पाया.

भारत की उम्मीदें काफ़ी हद तक कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पर टिकी हुई थीं लेकिन वे 64 रन बनाकर आउट हो गए.

भारत का अंतिम विकेट उन्हीं के रूप में गिरा.

युवराज सिंह ने भी 56 रनों का योगदान दिया लेकिन ये भी भारत को हार से नहीं बचा पाए.

पाकिस्तान की ओर से उमर गुल सफल गेंदबाज़ रहे और उन्होंने 57 रन देकर भारत के चार विकेट लिए. शाहिद अफ़रीदी ने दो विकेट झटके.

भारत को शुरुआत में ही थोड़े-थोड़े अंतराल पर झटके लगे थे.

अच्छी फॉर्म में नज़र आ रहे वीरेंदर सहवाग और गौतम गंभीर जल्द आउट हो गए.

गंभीर ने 33 गेंदों पर चार चौकों और एक छक्के की मदद से 40 रन बनाए.

यूसुफ़ पठान को इफ़्तिखार अंजुम की गेंद पर यूनिस खान ने कैच आउट किया. उन्होंने 25 रन बनाए.

रोहित ने गौतम गंभीर का अच्छा साथ दिया. दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 59 रन जोड़े.

लेकिन अच्छे शॉट खेल रहे रोहित तेज़ गेंदबाज़ उमर गुल की गेंद पर ऊंचा शॉट खेल बैठे और स्थानापन्न नासिर जमशेद के हाथों लपके गए. रोहित ने 24 रन बनाए.

सोहेल तनवीर ने भारत को पहला झटका दिया था और सहवाग को शोएब मलिक के हाथों कैच कराया था.

सहवाग सिर्फ़ दो रन ही बना सके. सहवाग के आउट होने के समय भारत का स्कोर 8 रन था.

पाकिस्तानी पारी

इससे पूर्व, यूनिस ख़ान और सलमान बट्ट की शतकीय पारियों की बदौलत पाकिस्तान ने 50 ओवरों में 3 विकेट पर 315 रन बनाए.

यूनिस ने 99 गेंदों पर आठ चौकों और तीन छक्कों की मदद से 108 रनों की तेज़ तर्रार पारी खेली.

यूनिस ने सलमान बट्ट के साथ दूसरे विकेट के लिए 205 रन जोड़े.

बाएं हाथ के सलमान बट्ट बेहतरीन फॉर्म में दिखे. उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय वनडे करियर का सातवां और भारत के ख़िलाफ़ पांचवां शतक बनाया.

लेकिन भीषण उमस में वह अपनी पारी को और लंबा नहीं खींच पाए.

मांसपेशी में खिंचाव के चलते अपनी पारी 129 रन से आगे नहीं बढ़ा सके और रिटायर्ड हर्ट हो गए.

बट्ट ने 136 गेंदों का सामना किया और 12 चौके और तीन छक्के लगाए.

बट्ट जब रिटायर्ड हुए तो वह पाकिस्तानी पारी का 46वाँ ओवर था और स्कोर 281 रन था.

यूनिस और बट्ट की मज़बूत पारियों के बाद मध्यक्रम के दूसरे बल्लेबाज़ों के लिए काम ज़्यादा मुश्किल नहीं रह गया था.

मिस्बाह उल हक़ ने 21 गेंदों पर 33 रनों की आतिशी पारी खेलकर अपनी भूमिका को बखूबी अंज़ाम दिया, जबकि शाहिद अफरीदी ने 10 और शोएब मलिक ने 11 रन बनाए.