गुरुवार, 22 मई, 2008 को 23:26 GMT तक के समाचार
कभी दुनिया की नंबर एक जोड़ी बनाने वाले लियंडर पेस और महेश भूपति एक बार फिर आमने-सामने हैं. इस बार मामला ओलंपिक में जोड़ी की तरह खेलने का है.
लियंडर पेस ने महेश भूपति से कहा है कि देश से पहले अपने बारे में सोचना बचकाना है और ऐसा करने से बीजिंग ओलंपिक में टेनिस में भारत के पदक जीतने का मौक़ा हाथ से जा सकता है.
पेस की यह सलाह भूपति के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि वे ओलंपिक के लिए पेस के साथ खेलने की बजाय रोहन बोपन्ना के साथ जोड़ी बनाना चाहते हैं.
भूपति ने ऑल इंडिया टेनिस एसोसिएशन को एक पत्र लिखकर अपनी मंशा ज़ाहिर की थी.
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2004 के ओलंपिक में भी दोनों की जोड़ी मैदान में उतरी थी.
देश के लिए
भूपति और पेस के बीच मनमुटाव की ख़बरें जगज़ाहिर हैं हीं ऐसे में भूपति का बयान आया है.
इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए गुरुवार को पेस ने संवाददाताओं से कहा, "टेनिस युगल में भारत के पास हम दोनों से बेहतर कोई जोड़ी नहीं है. हम दोनों ने आठ साल तक साथ में टेनिस खेला है और हमारी जोड़ी दुनिया में नंबर वन रह चुकी है."
समाचार एजेंसियों के अनुसार उन्होंने कहा, "एशियाई खेलों और डेविस कप में हम अब भी साथ खेलते हैं अगर हम आपसी मतभेदों के चलते ओलंपिक में एक साथ नहीं खेलते तो बड़ा नुक़सान देश का ही होगा."
महेश भूपति लंबे समय से साथ न खेलने का हवाला देकर कह रहे हैं कि ओलंपिक जैसे महत्वपूर्ण आयोजन में बिना अभ्यास के साथ उतरने का कोई लाभ नहीं होगा.
लेकिन पेस इससे सहमत नहीं नज़र आते और कहते हैं कि वे विंबलडन के बाद कभी भी भूपति के साथ दो हफ़्ते अभ्यास के लिए तैयार हैं.
समाचार एजेंसी यूएनआई के अनुसार ऑल इंडिया टेनिस एसोसिएशन इस मामले में पेस की ओर खड़ा नज़र आता है.
एसोसिएशन के महासचिव अनिल खन्ना का कहना है कि पेस-भूपति की जोड़ी का नाम ओलंपिक समिति को भेजा जा चुका है और अब उसमें कोई बदलाव नहीं होगा.
यह पहली बार नहीं है कि पेस और भूपति किसी मामले में आमने-सामने हैं. हाल के सालों में कई मामलों पर दोनों के बीच खींचतान की ख़बरें मिलती रही हैं.