बुधवार, 14 मई, 2008 को 11:34 GMT तक के समाचार
आईपीएल सिरिज़ के दौरान हरभजन के श्रीसंत को थप्पड़ मारने के मामले
में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने उन पर पाँच वनडे मैच खेलने का प्रतिबंध लगाया है और साथ ही उन्हें कड़ी चेतावनी जारी की है.
बीसीसीआई के अध्यक्ष शरद पवार, अगले अध्यक्ष शशांक मनोहर, उपाध्यक्ष चिरायु अमीन ने बुधवार को एक बैठक में इस मामले पर बीसीसीआई के आयुक्त सुधीर नानावटी की रिपोर्ट पर चर्चा की और फिर इस फ़ैसले की घोषणा की.
शरद पवार का कहना था, "हरभजन को भी नानावटी की रिपोर्ट दिखाई गई है और वे उनकी रिपोर्ट से सहमत थे. उन पर पाँच वनडे मैचों का प्रतिबंध लगाया गया है और साथ ही उन्हें चेतावनी दी गई है कि यदि वे नियमों का फिर उल्लंघन करते हैं तो उन पर आजीवन प्रतिबंध लगाया जा सकता है."
इस तरह हरभजन न केवल बांग्लादेश के दौरे में भाग नहीं ले पाएँगे बल्कि वे पाकिस्तान में होने वाले एशिया कप के दो मैच भी नहीं खेल पाएँगे.
ग़ौरतलब है कि हरभजन पर पहले ही आईपीएल सिरीज़ के ग्यारह मैचों का प्रतिबंध लग चुका है और इस कारण से वे तीन करोड़ रुपए की मैच फ़ीस गँवा देंगे.
'संवेदनशील मुद्दा'
मीडिया में कई दिन छाए रहे इस मुद्दे की जाँच कर रहे आयुक्त सुधीर नानावटी ने मंगलवार को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी.
इसके बाद ये रिपोर्ट अनुशासन समिति के समक्ष रखी गई जिसने इस पर विचार कर बुधवार को अपना फ़ैसला सुनाया.
रिपोर्ट सौंपने से पहले नानावटी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा था, "मैं रिपोर्ट तैयार करते वक्त तनाव में था. इस मुद्दे की वजह से नहीं बल्कि इसलिए कि ये संवदेनशील मुद्दा है और लोगों की निगाहें मेरे ऊपर लगी हैं.''
नानावटी ने कहा था,'' मैं रिपोर्ट तैयार करते वक्त बहुत सतर्क था. मैंने हर शब्द बहुत सावधानी से लिखा है और मैं रिपोर्ट के हर वाक्य को न्यायोजित ठहरा सकता हूँ.''
मामला
ग़ौरतलब है कि इंडियन प्रीमियर लीग के एक मैच में मुंबई इंडियंस के कार्यवाहक कप्तान हरभजन सिंह ने किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाड़ी एस श्रीसंत को तमाचा मार दिया था.
आईपीएल के मैच रेफ़री फ़ारूख़ इंजीनियर ने मामले की जाँच के बाद हरभजन के इस साल आईपीएल में खेलने पर पाबंदी लगा दी थी.
लेकिन बीसीसीआई ने इस मामले की अलग से जाँच कराने के लिए सुधीर नानावटी को जाँच आयुक्त नियुक्त किया था और उन्हें 15 दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया था.
हरभजन सिंह और श्रीसंत दोनों सुधीर नानावटी के सामने पेश हुए थे.