शुक्रवार, 09 मई, 2008 को 19:31 GMT तक के समाचार
शुक्रवार को जयपुर के दर्शकों ने एक बार फिर अपनी टीम की शानदार जीत देखी जब राजस्थान रॉयल्स ने डेकन चार्जर्स को आठ विकेट से हरा दिया.
यूसुफ़ पठान की शानदार बल्लेबाज़ी के चलते राजस्थान रॉयल्स की टीम ने 141 रनों का लक्ष्य सिर्फ़ दो विकेट गँवाकर पा लिया. और तब मैच की 28 गेंदें बची हुई थीं.
राजस्थान रॉयल्स के खाते यह छठवीं जीत थी. वे अब तक सिर्फ़ दो मैच हारे हैं.
पूरे मैच में एक बार भी ऐसा नहीं दिखाई पड़ा कि डेकन चार्जर्स के गेंदबाज़ों ने राजस्थान रॉयल्स पर दबाव बनाने में सफलता पाई हो.
टॉस जीतते समय डेकन चार्जर्स के कप्तान एडम गिलक्रिस्ट ने कहा था कि वे एक ऐसा लक्ष्य खड़ा करना चाहेंगे जिसका उनके गेंदबाज़ बचाव कर सकें.
लेकिन डेकन की पूरी पारी देखें तो लगता नहीं कि गिलक्रिस्ट के अलावा कोई और खिलाड़ी इस लक्ष्य के साथ खेल रहा था.
गिब्स ने उनका साथ ज़रुर दिया लेकिन जब 61 रनों के कुल स्कोर पर गिब्स के रुप में ही पहला विकेट गिरा तो उनका अपना स्कोर 19 रन ही था.
गिलक्रिस्ट ने अपने 50 रन 37 गेंदों में पूरे किए. 52 रनों के स्कोर पर सिद्धार्थ त्रिवेदी ने उनका कैच भी छोड़ा लेकिन आख़िर त्रिवेदी की गेंद पर ही विकेटकीपर रावत ने उनका कैच लपका.
डेकन चार्जर्स की पूरी टीम में इसके बाद वेणुगोपाल राव ही थे जो 20 के पार पहुँचे. वे 23 रन बनाकर नाबाद रहे.
रॉयल पारी
राजस्थान रॉयल्स की टीम ने शुरुआत एक ऐसी मज़बूत पारी के साथ की जिसने डेकन चार्जर्स के लिए उम्मीद की कोई किरण नहीं छोड़ी.
युसूफ़ पठान ने नौ चौकों और दो छक्कों की मदद से 37 गेंदों में 68 रन बनाए. उन्हें सर्वाधिक छक्के लगाने के लिए पुरस्कृत किया गया और मैन ऑफ़ द मैच भी चुना गया.
युसूफ़ के रुप में पहला विकेट गिरा तो तेरहवाँ ओवर चल रहा था और टीम का स्कोर 109 रनों तक पहुँच चुका था.
स्मिथ ने पठान का बराबरी से साथ दिया और दूसरे विकेट के रुप में पेवेलियन लौटने तक वे भी 40 रन जोड़ चुके थे.
मोहम्मद कैफ़ और वाटसन ने मिलकर टीम को जीत दिलवाई.
राजस्थान रॉयल्स के कप्तान शेन वार्न ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने का निर्णय लिया था.