शुक्रवार, 09 मई, 2008 को 14:41 GMT तक के समाचार
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के एक मैच के दौरान किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाड़ी एस श्रीसंत को थप्पड़ लगाने के मामले में हरभजन सिंह बीसीसीआई के जाँच आयुक्त सुधीर नानावटी के सामने पेश हुए.
हरभजन के अलावा श्रीसंत भी नानावटी के सामने पेश हुए. बाद में सुधीर नानावटी ने पत्रकारों को बताया कि जाँच पूरी हो गई है और वे सोमवार को अपनी रिपोर्ट सौंप देंगे.
हरभजन सिंह पर पहले ही इस साल आईपीएल में खेलने पर पाबंदी लगा दी गई है. लेकिन आईपीएल की जाँच से अलग बीसीसीआई ने अलग से मामले की जाँच की घोषणा की थी.
सुधीर नानावटी ने पत्रकारों को बताया, "जाँच के मामले में सारी प्रक्रिया पूरी हो गई है. इस मामले में अब मुझे किसी भी खिलाड़ी या अधिकारियों से बात करने की आवश्यकता नहीं. मैं हरभजन और श्रीसंत के जवाब से भी संतुष्ट हूँ. मेरे पास रिपोर्ट तैयार करने के लिए सारे सबूत हैं."
मामला
नानावटी ने बताया कि मामले की सुनवाई के दौरान हरभजन सिंह और श्रीसंत का रवैया सहयोग वाला था. उन्होंने हरभजन सिंह से क़रीब सवा घंटे और श्रीसंत से क़रीब आधे घंटे तक बातचीत की.
25 अप्रैल को मोहाली में किंग्स इलेवन पंजाब और मुंबई इंडियंस के बीच मैच हुआ था. सचिन तेंदुलकर की अनुपस्थिति में उस मैच में मुंबई इंडियंस की कप्तानी हरभजन सिंह कर रहे थे.
मैच के बाद हरभजन सिंह ने श्रीसंत को तमाचा मार दिया था. इंडियन प्रीमियर लीग ने इस मामले की जाँच मैच रेफ़री फ़ारुख़ इंजीनियर को सौंपी थी, जिन्होंने सुनवाई के बाद भज्जी के इस साल आईपीएल के बाक़ी मैचों में खेलने पर पाबंदी लगा दी.
लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने भी इस मामले में कड़ा रुख़ अपनाते हुए भज्जी को कारण बताओ नोटिस जारी किया और मामले की जाँच सुधीर नानावटी को सौंप दी. नानावटी को 15 दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया था.