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सोमवार, 28 अप्रैल, 2008 को 13:37 GMT तक के समाचार

गिल गए, हॉकी फ़ेडरेशन भंग

भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन ने भारतीय हॉकी फ़ेडरेशन को भंग कर दिया है और इसके प्रमुख केपीएस गिल को बर्ख़ास्त कर दिया गया है.

एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश कलमाडी ने नई दिल्ली में यह घोषणा की है. एसोसिएशन ने इसकी जगह एक अस्थायी समिति का गठन किया है.

इसकी कमान पूर्व हॉकी खिलाड़ी असलम शेर ख़ान को सौंपी गई है. इस समिति के सदस्य होंगे पूर्व हॉकी खिलाड़ी- अजितपाल सिंह, ज़फ़र इक़बाल, धनराज पिल्लै और अशोक कुमार.

ऑस्ट्रेलिया के रिक चार्ल्सवर्थ इस समिति के सलाहकार होंगे. भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन की कार्यकारी समिति की आपात बैठक में यह फ़ैसला किया गया.

बैठक के बाद सुरेश कलमाडी ने कहा कि भारतीय हॉकी के हित में यह फ़ैसला सर्वसम्मति से लिया गया है. इस बैठक में केपीएस गिल भी मौजूद थे.

'पीड़ादायक'

कलमाडी ने कहा कि केपीएस गिल को हटाना 'पीड़ादायक' था. उन्होंने कहा, "ये पीड़ादायक फ़ैसला था. लेकिन भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण ये फ़ैसला लेना पड़ा. हमने पूर्व खिलाड़ियों से विचार विमर्श करने के बाद यह फ़ैसला किया. इस बैठक में केपीएस गिल भी मौजूद थे. केपीएस गिल के प्रति हमारे मन में सम्मान है. "

भारतीय हॉकी टीम के बीजिंग ओलंपिक में क्वालीफ़ाई नहीं करने के बाद से ही भारतीय हॉकी फ़ेडरेशन के अध्यक्ष केपीएस गिल पर पद छोड़ने के लिए काफ़ी दबाव बढ़ रहा था.

लेकिन उन्होंने इस्तीफ़ा देने से साफ़ इनकार कर दिया था. इस बीच हॉकी फ़ेडरेशन के सचिव के ज्योतिकुमारन भी कथित रूप से एक स्टिंग ऑपरेशन के कारण विवादों में आए और उन्हें भी अपना पद छोड़ना पड़ा.

एक टीवी चैनल ने दावा किया कि उसके स्टिंग ऑपरेशन में ज्योतिकुमारन एक खिलाड़ी को टीम में शामिल करने के लिए पैसे मांग रहे थे.

हालाँकि ज्योतिकुमारन ने इससे इनकार किया लेकिन उन्हें इस्तीफ़ा देना पड़ा. एक दिन पहले ही अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ ने कहा था कि जिस फ़ेडरेशन के एक शीर्ष अधिकारी ऐसे मामले में फँसे हो, उसके साथ महासंघ कैसे काम कर सकता है.

भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन ने इस मामले को गंभीरता से लिया और कार्यकारी समिति की आपात बैठक बुलाई. इसी बैठक में हॉकी फ़ेडरेशन को भंग करने का फ़ैसला किया गया.