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शनिवार, 26 अप्रैल, 2008 को 11:41 GMT तक के समाचार

पहले खेलमंत्री तो जवान बनाइए जनाब..

भारतीय हॉकी महासंघ यानी आईएचएफ़ के अध्यक्ष केपीएस गिल ने केंद्रीय खेल मंत्री एमएस गिल पर पलटवार करते हुए कहा है कि खेल मंत्री खेलों के बारे में कुछ नहीं जानते लिहाजा उन्हें जवाबदेही की बात नहीं करनी चाहिए.

ज्योतिकुमारन रिश्वत मामले के बाद अपने इस्तीफ़े की माँग से बौखलाए केपीएस गिल ने कहा कि खेल राज्य मंत्री एमएस गिल को अपने उपदेशों पर पहले खुद अमल करना चाहिए.

उल्लेखनीय है कि आईएचएफ़ महासचिव कंडास्वामी ज्योतिकुमारन ने कथित तौर पर खुद को एक टेलीविजन चैनल पर रिश्वत लेते दिखाए जाने के बाद पद से इस्तीफा दे दिया था.

इसके बाद केपीएस गिल पर भी इस्तीफ़ा देने के लिए दबाव बना था और केंद्रीय खेल राज्य मंत्री ने भी गिल को पद से हट जाने की सलाह दी थी.

जवाबी हमला

केपीएस गिल ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि खेल प्रबंधन का उम्र से कुछ लेना देना है. इस तरह के सुझाव देने से पहले किसी युवा को खेल मंत्री बनाना चाहिए."

उन्होंने कहा कि खेल मंत्रियों को जवाबदेही और जिम्मेदारी की बातें नहीं करनी चाहिए क्योंकि ज़्यादातर खेल मंत्री खेलों के बारे में कुछ नहीं जानते और उन्होंने हॉकी के लिए कुछ नहीं किया है.

उन्होंने एक निजी चैनल से बातचीत में उल्टा सवाल दागते हुए कहा, " क्या आपने पिछले पांच साल में खेल मंत्रियों को हॉकी के लिए कुछ करते देखा है. क्या कभी उन्होंने हमें किसी तरह की आर्थिक मदद की है."

अपने इस्तीफ़े की माँग को ठुकराते हुए उन्होंने कहा कि उमा भारती को छोड़कर किसी ने भी खेलों के लिए बतौर खेल मंत्री कुछ नहीं किया.