मंगलवार, 22 अप्रैल, 2008 को 11:51 GMT तक के समाचार
भारतीय हॉकी फ़ेडरेशन के सचिव ज्योतिकुमारन का मामला मंगलवार को भारतीय संसद में उठा है और कई सासंदों ने फ़ेडरेशन में कथित भ्रष्टाचार पर चिंता जताई है.
एक भारतीय टीवी चैनल पर गत सोमवार को प्रसारित एक स्टिंग ऑपरेशन में भारतीय हॉकी फ़ेडरेशन के सचिव ज्योति कुमारन पर गंभीर आरोप लगाए गए थे जिसके बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.
उधर भारतीय हॉकी फ़ेडरेशन के अध्यक्ष केपीएस गिल ने कहा, "मैंने ज्योति कुमारन का इस्तीफ़ा तब तक के लिए स्वीकार कर लिया है जब तक वे आरोपों से मुक्त नहीं हो जाते."
ज्योति कुमारन ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को ख़ारिज किया है. उन्होंने कहा है कि उनके ऊपर लगे सारे आरोप बेबुनियाद है.
दोनो सदनों में उठा मुद्दा
समाचार एजेंसियों के अनुसार मंगलवार को राज्यसभा में समाजवादी पार्टी के शाहिद सिद्दीक़ी ने कहा कि जो टीवी पर दिखाया गया वह शर्मनाक था.
उनका कहना था कि खेल तो जैसे सट्टा बाज़ार बन गए हैं.
राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी और कुछ अन्य दलों ने भी भारतीय हॉकी फ़ेडरेशन की कड़ी आलोचना की.
लोकसभा में भारतीय जनता पार्टी के नेता वीके मल्होत्रा, योगी आदित्यनाथ और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के मोहम्मद सलीम ने ये मुद्दा उठाया.
लोकसभा में समाजवादी पार्टी के मोहन सिंह का कहना था कि सरकार को फ़ेडरेशन जैसे संगठनों में भ्रष्टाटचार ख़त्म करने के लिए एक विधेयक लाना चाहिए.
भारतीय हॉकी टीम पहले से ही विवादों में है.
ग़ौरतलब है कि पिछले महीने ओलंपिक हॉकी क्वालिफ़ायर मुक़ाबले में भारतीय टीम ब्रिटेन की टीम से 0-2 से हारकर बाहर हो गई थी.
इसके बाद हॉकी टीम के प्रंबंधन को लेकर काफ़ी आलोचना हुई थी.