बुधवार, 16 अप्रैल, 2008 को 08:51 GMT तक के समाचार
क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर ने कहा है कि वो दिल्ली में गुरुवार को होने वाली ओलंपिक मशाल दौड़ में हिस्सा नहीं लेंगे.
हालांकि सचिन का इस रिले में हिस्सा न लेने के पीछे तिब्बतियों के चीन विरोध से कोई वास्ता नहीं है.
मुंबई में चल रहे मुंबई इंडियन टीम के कैंम्प के दौरान बुधवार को टीम के फ़िज़ोयोथेरेपिस्ट निखिल पाटिल ने उनके हवाले से बताया कि सचिन गुरुवार को हो रही ओलंपिक रिले में हिस्सा लेने के लिए फ़िट नहीं हैं.
सचिन ने थेरेपिस्ट के ज़रिए कुछ पत्रकारों को बताया, "मैं इस बात पर गर्व महसूस कर रहा हूँ कि मुझे ओलंपिक मशाल लेकर दौड़ने का निमंत्रण मिला पर मैं स्वस्थ नहीं हूँ और इसीलिए मशाल लेकर दौड़ना संभव नहीं होगा."
उधर भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी ने पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए कहा है कि उन्हें इस बारे में सचिन की ओर से अभी कोई पत्र नहीं मिला है.
कल्माड़ी ने कहा कि सचिन को तय कार्यक्रम के मुताबिक 17 अप्रैल की सुबह दिल्ली पहुँचना था. सुबह वो आते हैं या नहीं और रिले में हिस्सा लेते हैं या नहीं, यह तभी पता चलेगा.
मशाल के साथ नहीं
ग़ौरतलब है कि सचिन से पहले अलग-अलग कारणों से भारतीय फुटबॉल टीम के कप्तान बाइचुंग भूटिया और देश की पहली महिला आईपीएस अधिकारी किरण बेदी मशाल लेकर दौड़ने से इनकार कर चुके हैं.
इनके अलावा फ़िल्म कलाकार सोहा अली ख़ान मशाल दौड़ में शामिल होने से इनकार कर चुकी हैं.
आज मशाल पाकिस्तान में हैं जहाँ से देर रात भारत आ जाएगी. गुरुवार को भारत में दौड़ का कार्यक्रम है और इसके लिए कड़े सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं.
हालांकि कुछ जानकार सचिन के दौड़ में हिस्सा न लेने के पीछे और भी कारण बताते हैं. समाचारपत्र टेलीग्राफ़ ने छापा है कि सचिन की पत्नी अंजलि तेंदुलकर ने सचिन की मशाल दौड़ में हिस्सेदारी को लेकर कलमाड़ी के बयान पर नाख़ुशी जताई थी.
कलमाडी ने कहा था, "मशाल दौड़ का हिस्सा बनने के लिए खिलाड़ियों की बड़ी भीड़ है. सचिन तेंदुलकर ने फ़ोन करके मुझसे मशाल लेकर दौड़ने की इच्छा ज़ाहिर की है."
इस बयान का हवाला देते हुए अंजलि ने अख़बार से इंटरव्यू में कहा था कि सचिन ने किसी को कोई फ़ोन नहीं किया. उनको भारतीय ओलंपिक संघ का एक पत्र मिला था जिसके जवाब में सचिन के सचिव ने कलमाड़ी के कार्यालय को 17 अप्रैल को उनके उपलब्ध रहने की सूचना दी थी.
मंगलवार को बॉलीवुड अभिनेत्री सोहा अली ख़ान ने भी अपनी व्यस्तता का हवाला देते हुए मशाल दौड़ में शामिल होने से इनकार कर दिया था.
देश के खेल मंत्री मनोहर सिंह गिल ने भी मशाल दौड़ में सिर्फ़ एथलीटों की हिस्सेदारी के पक्ष में कुछ बयान दिया है. गिल इसमें राजनेताओं और सितारों ही हिस्सेदारी को लेकर बहुत उत्साहित नहीं हैं.