मंगलवार, 08 अप्रैल, 2008 को 22:47 GMT तक के समाचार
ओलंपिक मशाल अमरीका के सैन फ़्रांसिस्को शहर पहुँच गई है, पेरिस में चीन विरोधी प्रदर्शनों को देखते हुए इसकी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है.
बुधवार को सैन फ़्रांसिस्को में मशाल रिले निकलेगी और ये लगभग 10 किलोमीटर का सफ़र तय करेगी.
पेरिस और लंदन में इसके विरोध को देखते हुए प्रशासन इसकी सुरक्षा को लेकर चिंतित है.
मशाल के पहुँचने से पहले ही सैन फ़्रांसिस्को में तिब्बत समर्थक प्रदर्शनकारी सक्रिय हो गए और वो गोल्डन गेट ब्रिज पर चढ़ गए और उन्होंने वहाँ पर चीन विरोधी बैनर लगा दिए.
इन बैनरों पर लिखा था- " एक ही दुनिया, एक ही सपना, मुक्त हो तिब्बत अपना."
इनमें से सात प्रदर्शनकारियों को साज़िश और जन कार्य में बाधा पहुँचने के आरोप में गिरफ़्तार कर लिया गया.
विरोध के स्वर
उधर अमरीका में डेमोक्रेट पार्टी से राष्ट्रपति पद की संभावित उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन ने राष्ट्रपति जॉर्ज बुश से अपील की है कि यदि चीन अपने देश में मानवाधिकारों की स्थिति नहीं सुधारता है तो अगस्त में बीजिंग में होने वाले ओलंपिक के उदघाटन समारोह का बहिष्कार किया जाए.
ग़ौरतलब है कि पेरिस और लंदन में ओलंपिक मशाल को प्रदर्शनकारियों ने इसे रोकने की कोशिश की थी.
पेरिस में इस मशाल को तिब्बत समर्थकों के विरोध की वजह से चार बार बुझाना पड़ा था.
ओलंपिक मशाल ग्रीस के ओलंपिया में 24 मार्च को ज्योति जलाई गई थी और इसे बीजिंग में आठ अगस्त को ओलंपिक खेलों के उदघाटन से पहले 20 देशों से होकर गुज़ारा जाना है.
पेरिस और लंदन में ओलंपिक रिले को बाधा पहुँचाए जाने की आलोचना करते हुए बीजिंग ओलंपिक आयोजन समिति के प्रवक्ता सुन वीदे ने पत्रकारों से कहा कि मशाल रिले पूर्व नियोजित योजना के अनुसार ही चलेगी.
चीन के सरकारी मीडिया ने कहा है कि मशाल का स्वागत दुनिया भर में गर्मजोशी से किया जा रहा है.
सरकारी टेलीविज़न ने पेरिस की सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों को ‘मुट्ठीभर तिब्बती आंदोलनकारी’ बताया है.