रविवार, 06 अप्रैल, 2008 को 11:57 GMT तक के समाचार
लंदन में ओलंपिक मशाल की यात्रा के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पे हुई हैं. पुलिस की तैनाती के बावजूद प्रदर्शनों के कारण मशाल यात्रा में बार-बार बाधा आई.
लंदन में यात्रा की शुरुआत वेम्बली स्टेडियम से हुई. स्टेडियम से मशाल लेकर जो बस सवार हुई थी, कुछ लोगों ने उस पर सवार होने की कोशिश की. इस दौरान 35 लोगों को गिरफ़्तार किया गया.
बाद में प्रदर्शनकारियों ने रास्ते में मशाल छीनने की कोशिश की और आग बुझाने वाले यंत्र का उपयोग किया.
टॉर्च को बस, पदैल, नाव और रेल के ज़रिए लंदन के मशहूर स्थलों पर ले जाया गया.
ब्रितानी प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन से कई लोग माँग करते आए हैं कि वे डाउनिंग स्ट्रीट पर मशाल का स्वागत न करें और अगर चीन दलाई लामा के साथ नहीं बातचीत करता है तो ब्रिटेन बीजिंग ओलंपिक का बहिष्कार करे.
लेकिन गॉर्डन ब्राउन इससे बचते रहे हैं और कहते आए हैं कि दलाई लामा बहिष्कार का विरोध करते हैं.
प्रदर्शन
बीजिंग के बाद अगला ओलंपिक 2012 में लंदन में ही होना है. लंदन ओलंपिक के चेयरमैन सबेस्टियन को ने उम्मीद जताई है कि विरोध प्रदर्शन मशाल रैली का केंद्र बन कर नहीं रह जाएँगे.
लंदन में मशाल रिले में 10 ओलंपिक चैंपियन, 18 स्कूली बच्चे और कई मशहूर हस्तियाँ हिस्सा लिया.
लंदन का ओ-2 एरीना मशाल यात्रा का आख़िरी पड़ाव होगा. उसके बाद मशाल को पेरिस ले जाया जाएगा.
यात्रा के दौरान करीब दो हज़ार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है.
स्कॉटलैंड यार्ड के प्रवक्ता के मुताबिक कई संगठनों ने प्रदर्शन किया जिसमें फ़्री तिब्बत मूवमेंट और द बर्मा कैंपेन जैसे संगठन शामिल हैं.
लंदन में रविवार को बर्फ़बारी के कारण यात्रा में लोगों की मौजूदगी कम रही.
ओलंपिक मशाल पिछले हफ़्ते ग्रीस में जलाई गई थी और आठ अगस्त को बीजिंग जाने से पहले इसे 20 देशों में ले जाया जाएगा.