गुरुवार, 03 अप्रैल, 2008 को 16:19 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने तेज़ गेंदबाज़ शोएब अख़्तर के खेलने पर पांच साल का प्रतिबंध लगाने के बाद अब उन पर 20 करोड़ रुपए की मानहानि का नोटिस दिया है.
शोएब की ओर से मीडिया में बोर्ड अध्यक्ष नसीम अशरफ़ के ख़िलाफ़ दिए गए बयान के बाद पीसीबी ने यह फ़ैसला किया है.
एक टेलीविज़न चैनल को दिए इंटरव्यू में शोएब ने आरोप लगाया था कि उन पर प्रतिबंध इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) से मिलने वाले पैसे में से बोर्ड अध्यक्ष को हिस्सा देने से इनकार करने के बाद लगाया गया है.
शोएब ने आरोप लगाया था कि अशरफ़ ने अन्य खिलाड़ियों से भी इसी तरह पैसे मांगे थे.
वापस लें बयान
पीसीबी के अध्यक्ष नसीम अशरफ़ ने कहा, "शोएब ने अपने बयान में मुझ पर जो ग़लत आरोप लगाए हैं, वे उसे तुरंत वापस लें."
अशरफ़ के वकील की ओर से शोएब को भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि उनके आरोप न सिर्फ़ आधारहीन हैं, बल्कि नसीम अशरफ़ का चरित्र हनन करने वाले भी हैं.
इस नोटिस में कहा गया है कि शोएब को अपने बयान वापस लेकर अशरफ़ से माफ़ी मांगकर उन्हें क्षतिपूर्ति के रूप में 20 करोड़ रुपए का भुगतान करना चाहिए.
इसमें से आधा पैसा अशरफ़ की मानहानि करने और आधा पैसा पीसीबी और पाकिस्तान की क्रिकेट टीम का नाम बदनाम करने के लिए मांगा गया है.
पीसीबी ने मंगलवार को तेज़ गेंदबाज़ शोएब अख़्तर पर पाँच साल का प्रतिबंध लगा दिया था.
कोर्ट जाएँगे शोएब
पीसीबी ने कहा था कि शोएब की मौजूदगी ने पाकिस्तान क्रिकेट की छवि को नुक़सान पहुँचाया है. हमने उन्हें कई मौके दिए पर वे बार-बार ग़लतियाँ दोहराते रहे हैं. बोर्ड को उन पर अब विश्वास नहीं रहा.
दानिश कनेरिया और शोएब अख़्तर ने नए अनुबंधों से जुड़ी नीति की आलोचना की थी.
बोर्ड ने दानिश कनेरिया को केवल चेतावनी देकर छोड़ दिया था.
बोर्ड की ओर से लगाए गए प्रतिबंध पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शोएब अख़्तर ने बुधवार को कहा था कि यदि बोर्ड उनकी अपील नामंज़ूर कर देता है तो वे न्याय के लिए हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जाएँगे.