मंगलवार, 01 अप्रैल, 2008 को 13:46 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने रावलपिंडी में एक सुनवाई के बाद गेंदबाज़ शोएब अख़्तर पर पाँच साल का प्रतिबंध लगाने का फ़ैसला किया है.
शोएब अख़्तर और दानिश कनेरिया रावलपिंडी में एक अनुशासनिक सुनवाई में उपस्थित हुए थे.
पीसीबी ने कहा है, "हमें लगता है कि शोएब की मौजूदगी ने पाकिस्तान क्रिकेट की छवि को नुकसान पहुँचाया है. हमने उन्हें कई मौके दिए पर वे बार-बार ग़लतियाँ दोहराते रहे हैं, बोर्ड को उन पर अब विश्वास नहीं रहा."
बोर्ड के अध्यक्ष नसीम अशरफ़ ने कहा, "वर्ष 2004 से लेकर 2008 तक शोएब ने 15 बार अनुशासनिक ग़लतियाँ की हैं. "
शोएब अख़्तर पर सार्वजनिक तौर पर पीसीबी की आलोचना करने का आरोप लगाया गया है.
पीसीबी ने जनवरी में नए अनुबंधों से जुड़ी नीति जारी की थी, उस समय दानिश कनेरिया और शोएब अख़्तर ने पीसीबी के फ़ैसलों की आलोचना की थी.
दानिश कनेरिया को बोर्ड ने केवल चेतावनी देकर छोड़ दिया है.
विवादित करियर
शोएब अख़्तर को नई अनुबंध नीति के तहत सूची से ही निकाल दिया गया था जबकि कनेरिया को बी श्रेणी से सी श्रेणी में भेज दिया गया था.
शोएब पर लगे पाँच साल के प्रतिबंध के तहत पाकिस्तान के घरेलू मैच तो आते हैं लेकिन भारतीय प्रीमियर लीग इस पाबंदी के दायरे से बाहर है.
32 वर्षीय शोएब अख़्तर का करियर हमेशी ही विवादों से घिरा रहा है.
एक क्रिकेट दौर के दौरान गेंद से छेड़छाड़ और नियमों के उल्लंघन के लिए उन पर प्रतिबंध भी लगाया गया था.
अक्तूबर 2006 में हुए एक परीक्षण में उन पर प्रतिबंधित दवा लेने का आरोप लगा और उनके खेलने पर रोक लगा गई थी लेकिन बाद में एक अपील में इस रोक को हटा लिया गया.
फिर टवेन्टी-20 विश्व कप से पहले शोएब और उनके साथी मोहम्मद आसिफ़ के बीच झड़प हुई थी. इसके बाद शोएब पर 13 अंतरराष्ट्रीय मैचों का प्रतिबंध लगाया गया.
शोएब ने 46 टेस्ट मैचों में 178 विकेटें और 138 वनडे मैचों में 219 विकेट लिए हैं.
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा है कि शोएब को अपील करने का अधिकार है. दानिश कनेरिया के बारे में उनका कहना था कि चूँकि ये उनकी पहली अनुशासनिक ग़लती है तो उन्हें फटकार लगाकर छोड़ दिया गया है.