मंगलवार, 01 अप्रैल, 2008 को 16:19 GMT तक के समाचार
भारत के विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी भारत में रह रहे निर्वासित शीर्ष तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा को आगाह किया है कि वे ऐसा कोई काम न करें जिससे भारत और चीन के आपसी रिश्तों पर असर पड़े.
मुखर्जी ने कहा कि दलाई लामा हमेशा की तरह भारत में सम्मान से रह सकते हैं लेकिन राजनीतिक गतिविधियों से उन्हें दूर रहना चाहिए.
विदेश मंत्री का यह बयान ऐसे समय पर आया है जबकि भारत में लगातार चीन विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं.
भारत के लिए यह एक कठिन चुनौती है क्योंकि वह तिब्बत के शीर्षस्थ नेता और उनके सहयोगियों को अपने यहाँ शरण देता है लेकिन साथ ही चीन से भी अपने रिश्ते ख़राब नहीं करना चाहता.
एक टीवी चैनल को दिए गए इंटरव्यू में मुखर्जी ने कहा, "भारत उनका मेज़बान बना रहेगा लेकिन अपने भारत प्रवास के दौरान उन्हें किसी राजनीतिक गतिविधि में हिस्सा नहीं लेना चाहिए और कुछ भी ऐसा नहीं करना चाहिए जिससे कि भारत और चीन के आपसी संबंधों पर बुरा असर हो."
दलाई लामा 1959 से भारत में हैं और तभी से भारत की यही नीति रही है.
दलाई लामा हिमाचल प्रदेश में धर्मशाला में रहते हैं जहाँ पिछले कुछ दिनों में बहुत बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए हैं.
दिल्ली में भी चीनी दूतावास के बाहर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए हैं जिसके बाद चीन में भारत के राजदूत को बुलाकर चीन ने इन प्रदर्शनों को लेकर अपनी नाराज़गी का इज़हार किया था.
भारत ने चीन को आश्वासन दिया है कि वह ओलंपिक मशाल की पूरी सुरक्षा करेगा लेकिन भारतीय फुटबॉल टीम के कप्तान ने ओलंपिक मशाल लेकर दौड़ने से इनकार कर दिया है.
एक टीवी चैनल से बातचीत में अभिनेता आमिर ख़ान ने चीन की कड़ी आलोचना की है लेकिन कहा है कि वे ओलंपिक मशाल के साथ दौड़ में हिस्सा लेंगे.