http://www.bbcchindi.com

'सुनील गावस्कर से ख़फ़ा आईसीसी'

अख़बारों के लिए कॉलम लिखने और निजी खेल चैनल के लिए कमेंट्री करने के कारण भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर विवादों में घिर गए हैं.

खबरें हैं कि आईसीसी सुनील गावस्कर से अपनी दोहरी भूमिकाओं में से कोई एक चुनने के लिए कह सकती है.

सुनील गावस्कर के मामले में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट समिति यानी आईसीसी जल्द ही फ़ैसला ले सकती है.

उल्लेखनीय है कि गावस्कर आईसीसी क्रिकेट समिति के अध्यक्ष हैं और एक निजी क्रिकेट चैनल के लिए कमेंट्री करने के अलावा वो अख़बारों के लिए कॉलम भी लिखते हैं.

सुनील गावस्कर के कॉलम लिखने पर कई लोगों ने आपत्ति जताई है. पिछले हफ़्ते ही सुनील गावस्कर ने अपने एक लेख में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलियाई टीम को 'डायनासोर' लिखा था.

उन्होंने अपने कॉलम में लिखा था, " वो वक्त अब गुज़र चुका जब इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एकछत्र राज था."

गावस्कर ने अपने लेख में दोनों देशों को 'डायनासोर' बताया था.

उनका कहना था, "ये दोनों डायनासोर की तरह हैं जो मीडिया में अपने पक्षपातपूर्ण विचार रखते हैं. उन्हें आँख खोलकर सच्चाई देखनी चाहिए."

दुबई में हैं गावस्कर

ब्रिटेन के अख़बार टाइम्स की वेबसाइट के अनुसार पिछले हफ़्ते दुबई में हुई आईसीसी की बैठक में सुनील गावस्कर के मसले को उठाया गया था.

इसके बाद आईसीसी के सीईओ मेलकम स्पीड को इस मामले में खुद जाँच करने के लिए कहा गया है.

ख़बरें हैं कि मेलकम स्पीड और सुनील गावस्कर की मुलाक़ात इसी सप्ताह दुबई में हो सकती है. सुनील गावस्कर इन दिनों दुबई में छुट्टियाँ बिता रहे हैं.

हालांकि आईसीसी ने गावस्कर को अभी तक किसी तरह का नोटिस या अल्टीमेटम जारी नहीं किया है.

सुनील गावस्कर जल्द ही आईसीसी क्रिकेट समिति के अध्यक्ष पद से रिटायर होने वाले हैं.

क्या है विवाद ?

गावस्कर हाल ही में विवादों में उस वक्त आए जब उन्होंने मैच रैफ़री माइक प्रॉक्टर के खिलाफ़ टिप्पणी की थी.

गावस्कर ने भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच सिडनी टेस्ट के दौरान हरभजन सिंह के ख़िलाफ़ फ़ैसला सुनाए जाने पर प्रॉक्टर की आलोचना की थी.

सिडनी टेस्ट के दौरान एंड्र्यू साइमंड्स के ख़िलाफ़ 'कथित तौर' पर की गई हरभजन सिंह की टिप्पणी के लिए प्रॉक्टर ने हरभजन के खिलाफ़ रिपोर्ट दी थी.

हालांकि, बाद में अपील कमिश्नर ने प्रॉक्टर की रिपोर्ट को खारिज कर दिया था.

गावस्कर ने कहा था कि दक्षिण अफ़्रीका के मैच रैफ़री माइक प्रॉक्टर ने भारतीय खिलाड़ियों के खिलाफ़ रंगभेद नीति का इस्तेमाल किया था.

गावस्कर ने अपने कॉलम में लिखा था, " क्रिकेट की दुनिया में भारत अब दबी हुई आवाज़ नहीं है बल्कि वो एक आत्मविश्वासी की तरह उभरा है. ये भारत के लिए अच्छा है."