गुरुवार, 13 मार्च, 2008 को 14:06 GMT तक के समाचार
भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान अनिल कुंबले ने कहा है कि खेल के मैदान पर शब्दबाणों का जवाब खेल से ही देना चाहिए और ये संघर्ष मैदान तक ही सीमित रहना चाहिए.
दुबई में 'गल्फ़ न्यूज़' से बात करते हुए कुंबले ने कहा, "खेल में वाकयुद्ध हमेशा से ही होते रहे हैं. यह क्रिकेट या किसी भी खेल के लिए नया नहीं है लेकिन मुझे लगता है कि क्रिकेट में सवालों का जवाब खेल के माध्यम से ही दिया जाना चाहिए."
भारतीय टीम के अंदर पनपे आक्रामक रुख़ के संबंध में उन्होंने कहा, "यह रुख़ भारतीय टीम के लिए नया नहीं है. यह कहना ग़लत होगा कि भारतीय क्रिकेट टीम पहले आक्रामक नहीं थी.
'प्रतिभावन युवा खिलाड़ी'
कुंबले ने ऑस्ट्रेलिया में हाल ही में त्रिकोणीय सिरीज़ जीतने वाली भारतीय एकदिवसीय टीम की प्रशंसा करते हुए कहा, "युवा खिलाड़ी काफ़ी प्रतिभा संपन्न हैं. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में एकदिवसीय मैचों में उम्दा प्रदर्शन किया है."
यह पूछने पर कि क्रिकेट में जो अपार धनवर्षा हो रही इसका कितना असर युवा खिलाड़ियों पर पड़ेगा, उन्होंने कहा, "खेल में पैसा आना अच्छी बात है. मुझे नहीं लगता कि इसका कोई असर युवा खिलाड़ियों पर पड़ेगा."
कुंबले ने कहा कि अब लोग क्रिकेट को एक पेशा के रूप में चुनेंगें जिससे खिलाड़ियों के बीच पेशेवर भावना पैदा होगी.
अनिल कुबंले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक हज़ार विकेट लेने से महज़ 59 विकेट पीछे हैं. उन्होंने कहा कि वे दक्षिण अफ़्रीका के साथ भारत में होने वाले टेस्ट सीरिज़ के प्रति आशान्वित हैं.