भारतीय हॉकी फ़ेडरेशन के प्रमुख केपीएस गिल ने कहा है कि टीम के कोच जोकिम कार्वाल्हो ने इस्तीफ़ा नहीं दिया है.
बीबीसी के साथ एक विशेष बातचीत में केपीएस गिल ने कहा कि कार्वाल्हो को इस्तीफ़ा देना भी नहीं चाहिए क्योंकि उन्होंने बहुत अच्छा काम किया है.
बीजिंग ओलंपिक के लिए क्वालीफ़ाई न कर पाने के बाद मीडिया में ऐसी ख़बरें आई थी कि टीम के कोच जोकिम कार्वाल्हो ने त्यागपत्र देने की घोषणा की है.
लेकिन केपीएस गिल ने कहा, "चिली में उन्होंने क्या कहा और मीडिया ने क्या ख़बर दी. वो तो मैं नहीं कह सकता." उन्होंने कहा कि 18 मार्च को उन्होंने कार्वाल्हो और अन्य लोगों की एक बैठक बुलाई है जिसमें चिली में हुई हार पर चर्चा की जाएगी.
केपीएस गिल ने स्पष्ट किया कि कार्वाल्हो के इस्तीफ़े का तो सवाल ही नहीं उठता. उन्होंने कहा, " उन्होंने जिस लगन से काम किया, टीम को ऊपर लेकर आए हैं. इस स्थिति में उन्हें इस्तीफ़ा नहीं देना चाहिए."
इस्तीफ़ा
केपीएस गिल ने कहा कि उन्होंने उन लोगों को इस्तीफ़ा देने के लिए कहा है जिन्होंने जान-बूझकर ग़लत काम किया है और टीम को नीचा दिखाने की कोशिश की है.
आईएचएफ़ के प्रमुख ने क्वालीफ़ाइंग राउंड के स्थान पर सवाल दिखाए और कहा कि टीम का मनोबल गिराने के लिए साज़िश भी की गई. वर्ष 1928 के बाद ये पहला मौक़ा है कि भारतीय हॉकी टीम ओलंपिक के लिए क्वालीफ़ाई भी नहीं कर पाई है.
केपीएस गिल ने यह भी बताया कि फ़ेडरेशन के उपाध्यक्ष नरेंदर बत्रा का त्यागपत्र मंज़ूर कर लिया गया है. हॉकी टीम के क्वालीफ़ाई नहीं करने के बाद केपीएस गिल पर भी इस्तीफ़े के लिए दबाव बढ़ा है लेकिन उन्होंने इस्तीफ़ा देने से मना कर दिया.
केपीएस गिल ने यह भी कहा कि भारतीय हॉकी के साथ कोई गड़बड़ी नहीं है ये तो सिर्फ़ एक दिन ख़राब खेलने की बात है.