बुधवार, 12 मार्च, 2008 को 21:50 GMT तक के समाचार
भारतीय हॉकी टीम के ओलंपिक के लिए क्वालीफ़ाई करने में असफल रहने के बाद भारतीय हॉकी महासंघ के अध्यक्ष केपीएस गिल ने अपने पद से इस्तीफ़ा देने से इनकार कर दिया है.
गिल ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा,'' इस्तीफ़ा देकर घर में बैठना बहुत आसान है लेकिन इससे कोई मतलब हल नहीं होगा. जो दुष्प्रचार किया जा रहा है, मैं उसके आगे झुकने वाला नहीं हूँ.''
उन्होंने कहा कि जो भी भारत में हॉकी की चिंता करता है, उन सभी को एकजुट होकर हार के कारणों का पता लगाने और भविष्य के लिए खाका तैयार करने की ज़रूरत है.
गिल ने कहा कि भारत को 2006 के दोहा एशियाई खेलों में ही ओलंपिक के लिए क्वालीफ़ाई करना चाहिए था, जहाँ वह पहली बार पदक जीतने में असफल रहा था.
केपीएस गिल का कहना था,'' क्वालीफ़ाई की जटिल प्रक्रिया से भी टीम पर काफ़ी दबाव बना. प्रतियोगिता से दो तीन महीने पहले तक यह पता नहीं था कि हमें कहाँ खेलना है. केवल एक टीम को क्वालीफ़ाई करना था और दुर्भाग्य से हम नहीं कर पाए.''
जमे रहेंगे
गिल ने कहा कि वो सन् 2010 तक अपने पद पर बना रहेंगे और इसके बाद देखेंगे कि क्या होता है.
केपीएस गिल इस चेतावनी से प्रभावित नहीं दिखे कि यदि भारतीय हॉकी महासंघ उचित क़दम नहीं उठाता है तो भारत से हॉकी के विश्व कप की मेजबानी छीनी जा सकती है.
उन्होंने कहा कि यदि विश्व कप भारत में नहीं होता है तो हम उसके लिए भी तैयार हैं.
गिल ने इसके साथ ही मुख्य कोच जोकिम कारवाल्हो पर भी विश्वास जताया. ग़ौरतलब है कि कारवाल्हो ने चिली में हार के बाद अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.
उन्होंने कहा कि कोच ने क्या ग़लत किया, उन्होंने शानदार भूमिका निभाई.टीम ने भी अपनी भूमिका अच्छी तरह से निभाई.