शनिवार, 08 मार्च, 2008 को 02:58 GMT तक के समाचार
इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने अपने खिलाड़ियों को चेतावनी दी है कि अगर वे इंडियन क्रिकेट लीग से जुड़ते हैं तो उन्हें काउंटी क्रिकेट से तौबा करना होगा.
इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) की ये चेतावनी कुछ खिलाड़ियों के आईसीएल से जुड़ने के फ़ैसले के बाद आई है.
क्रिस रीड, विक्रम सोलंकी, डेरेन मैडी और पॉल निक्सन आईसीएल के पहले सीज़न के लिए करार कर चुके हैं.
लेकिन ईसीबी ने स्पष्ट किया है कि आईसीएल के लिए खेलने वाले खिलाड़ियों को एक साल के लिए काउंटी क्रिकेट का अनुबंध नहीं मिलेगा.
ईसीबी ने अपने बयान में कहा है, "कोई भी खिलाड़ी जो किसी ग़ैर आधिकारिक टूर्नामेंट में हिस्सा लेते हैं वे काउंटी के लिए अनुबंधित होने के योग्य नहीं होंगे."
हालाँकि इस साल इस तरह के टूर्नामेंट में हिस्सा ले रहे खिलाड़ियों को राहत देते हुए कोई कार्रवाई नहीं करने की बात कही गई है. ये नियम अगले साल से लागू होंगे.
ईसीबी ने खुल कर आईसीएल का नाम नहीं लिया है लेकिन ये स्पष्ट है कि अनाधिकारिक टूर्नामेंट से मतलब आईसीएल से ही है.
आईसीएल को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) से मान्यता प्राप्त नहीं है.
लंकाशायर के कप्तान स्टुअर्ट लॉ समेत अभी कई ऐसे खिलाड़ी हैं जिनका अनुबंध काउंटी के साथ-साथ आसीएल से है.