सोमवार, 03 मार्च, 2008 को 07:28 GMT तक के समाचार
ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ पहले फ़ाइनल में शतक लगाने के बाद मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने कहा है कि उन्हें कुछ भी साबित करने की ज़रुरत नहीं है.
सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ 120 गेंदों में 117 रन बनाने वाले सचिन का कहना था ' मैं किसी को ग़लत साबित करने के लिए नहीं खेलता. की लोग हैं जो मेरे ख़िलाफ़ लिखते रहते हैं लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि मैं सबको ग़लत साबित करता फिरुं. मैं मैदान पर जाकर क्रिकेट खेलता हूं क्योंकि मुझे मज़ा आता है.'
त्रिकोणीय शृंखला में सचिन का प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा था. जिसके बाद उनकी आलोचना हुई थी.
हालांकि पिछले मैच में उन्होंने 63 रन बनाए थे. मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा ' मैं भारत के लिए खेलने का सपना देख देख कर बड़ा हुआ हूं. मैं किसी को ग़लत साबित करने के लिए नहीं खेलता.'
उन्होंने कहा, "जो लोग यह सब लिखते हैं, उनकी विश्वसनीयता क्या है. मेरी प्राथमिकता उन लोगों की बात सुनना है जो मेरे लिए महत्व रखते हैं और जो फ़ोन पर मुझे मेरे बारे में बताते हैं."
उन्होंने 66 रन बना कर साथ देने वाले रोहित शर्मा को भी मैच जीतने का श्रेय दिया.
उन्होंने कहा, "रोहित ने भी शानदार टक्कर दी. मैं सोचता था कि वह शानदार खिलाड़ी हैं. वे शांत और सुलझे हुए हैं. उनके साथ बल्लेबाज़ी करना वाकई मेरे लिए मददग़ार था."
बेहतरीन जोड़ी
सचिन का कहना था "उन्होंने भी यदाकदा ही बाउंड्री छुई और मैंने भी. यह बहुत अच्छी जोड़ी थी और इसने हम दोनों के लिए बेहतर काम किया."
उन्होंने कहा, "मैं अंत तक मैच में बने रहना चाहता था क्योंकि यह बहुत ज़रूरी था. मैंने सोचा कि अगर मैं अंत तक रहूँगा तो मैच जीतना काफ़ी आसान हो जाएगा. रोहित ने भी कुछ ऐसे शॉट दिए जिन्होंने बहुत मदद की और मुझे कम जोखिम लेना पड़ा."
उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि वे पहले ही ऑस्ट्रेलिया में शतक बनाने के बारे में सोच रहे थे.
तेंदुलकर ने कहा, "हालांकि मैं शतक बनाना चाहता था लेकिन पिछली श्रृंखलाओं में यह कुछ ही रनों से रह गया था. लेकिन आज यहाँ शतक बनाना भी बहुत अच्छा है."
उन्होंने कहा, "इस पहले फ़ाइनल मैच में हमने उनका सिर्फ़ 239 रनों का स्कोर पार कर लिया. यह महत्वपूर्ण था कि हम खेल की दूसरी पारी में अच्छा खेलें और यही हमने किया भी. सब कुछ सही समय पर हुआ और मैं इससे बहुत ख़ुश हूँ."