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सोमवार, 25 फ़रवरी, 2008 को 23:23 GMT तक के समाचार

श्रीलंका को हराकर भारत फ़ाइनल में

होबार्ट में भारत ने श्रीलंका को सात विकेटों से बुरी तरह से हराया है.

श्रीलंका के 179 रनों का लक्ष्य भारत ने तैतीसवें ओवर में तीन विकेट गँवाकर हासिल कर लिया.

इसके साथ ही भारत त्रिकोणीय सिरीज़ के फ़ाइनल में पहुँच गया है और अब वह ऑस्ट्रेलिया से तीन फ़ाइनल मैच खेलेगा.

भारत की जीत में अहम योगदान सचिन तेंदुलकर और गौतम गंभीर की भागीदारी का रहा लेकिन इसकी बुनियाद प्रवीण कुमार और इशांत शर्मा ने चार-चार विकेट लेकर रख दी थी.

प्रवीण कुमार को 31 रन देकर चार विकेट लेने के लिए मैन ऑफ़ द मैच भी चुना गया.

भारतीय पारी

हालांकि भारत को पहला झटका शुरुआती दौर में ही लग गया था जब 18 रनों के कुल स्कोर पर रॉबिन उथप्पा आउट हो गए.

11 रनों पर खेल रहे उथप्पा को मलिंगा की गेंद पर अमरसिंघे ने लपक लिया.

लेकिन इसके बाद सचिन तेंदुलकर और गौतम गंभीर ने मिलकर एक शानदार पारी खेली और भारत को मज़बूत स्थिति में पहुँचा दिया.

सचिन तेंदुलकर ने आत्मविश्वास के साथ खेलते हुए 54 गेंदों में 63 रन बनाए जिसमें 10 चौके शामिल हैं.

लेकिन मुरलीधरन की एक गेंद पर वे शॉट पर काबू नहीं रख सके और लांग ऑफ़ पर चमारा सिल्वा ने उनको कैच कर लिया.

गौतम गंभीर ने सचिन का बराबरी से साथ दिया और उन्होंने 62 रनों की नाबाद पारी खेली.

उनका साथ देने के लिए युवराज सिंह मैदान में आए और उन्होंने तेज़ी से खेलते हुए 37 रन जोड़े लेकिन दिलशान की गेंद पर वे परेरा को कैट थमा बैठे.

आख़िर जीत दिलाने के लिए गौतम गंभीर के साथ रोहित शर्मा को उतरना पड़ा और तीन रनों की छोटी सी पारी खेलनी पड़ी.

आख़िरी के सिपाही

इससे पहले श्रीलंका ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 179 रन बनाए थे.

एक समय श्रीलंका की पारी बुरी तरह लड़खड़ा गई थी और 93 रनों पर उसके सात बल्लेबाज़ पेवेलियन लौट गए थे.

लेकिन अंतिम क्रम के खिलाड़ियों ने पारी को संभाला और अड़तालिसवें ओवर तक खेलते हुए स्कोर को 179 तक पहुँचाया.

आठवें विकेट की साझेदारी में मलिंगा और कपूगेदरा ने पारी को काफ़ी हद तक संभाला और स्कोर को 139 रनों तक पहुँचाया.

लेकिन ऑफ़ स्टंप से बाहर जाती गेंद को खेलते हुए मलिंगा उथप्पा को कैच थमा बैठे. यह इशांत शर्मा का चौथा विकेट था.

इसके बाद प्रवीण कुमार ने मुरलीधरन को आउट करके अपना चौथा विकेट लिया.

47 ओवरों में श्रीलंका ने 179 रन जोड़ लिए थे तभी हरभजन सिंह गेंद लेकर आए और उन्होंने पहली ही गेंद में कपूगेदरा को लपक लिया.

भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी का मौका श्रीलंका को दिया था.

लड़खड़ाती पारी

श्रीलंका की ओर से सलामी बल्लेबाज़ी के लिए जयसूर्या और परेरा ने बल्ला संभाला.

श्रीलंका को पहला झटका चौथे ओवर की शुरुआत में ही लग गया. भारतीय गेंदबाज़ इशांत शर्मा ने परेरा का विकेट लिया.

इसके बाद संगकारा आए तो पारी संभलती नज़र आई. तेज़ी से खेलते हुए उन्होंने 33 रन बनाए लेकिन प्रवीण कुमार की गेंद पर उन्हें धोनी ने लपक लिया.

संगकारा के बाद जयवर्धने तीन रन बनाकर और चमारा सिल्वा बिना खाता खोले आउट हो गए. इन दोनों को भी प्रवीण कुमार ने पेवेलियन वापस भेजा.

इस दौरान जयसूर्या जमे रहे और पारी को संभाले रखा पर 34 रन के स्कोर पर वो भी आउट हो गए. उन्हें पठान की गेंद पर विकेट कीपर धोनी ने लपका.

दिलशान को इशांत शर्मा ने एलबीडब्लू आउट किया और तब वे सिर्फ़ आठ रन जोड़ सके थे.

चामिंडा वास के रुप में श्रीलंका का सातवाँ विकेट तब गिरा जब इशांत शर्मा की गेंद पर गंभीर ने एक आसान सा कैच बिना किसी ग़लती के लपक लिया.

भारतीय टीम

महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), युवराज सिंह, सचिन तेंदुलकर, गौतम गंभीर, रोहित शर्मा, रॉबिन उथप्पा, हरभजन सिंह, ईशांत शर्मा, एस श्रीसंत, मुनाफ़ पटेल और इरफ़ान पठान

श्रीलंका की टीम

महेला जयवर्धने (कप्तान), कुमार संगकारा, सनथ जयसूर्या, तिलकरत्ने दिलशान, चमारा सिल्वा, चमारा कपूगेदरा, परेरा, लसिथ मलिंगा, मुथैया मुरलीधरन, अमेरासिंधे और चमिंडा वास