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गुरुवार, 21 फ़रवरी, 2008 को 14:41 GMT तक के समाचार

गाली गलौज पर आईसीसी का रुख़ कड़ा

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) चाहता है कि क्रिकेट में गाली-गलौज और अभद्र भाषा को लेकर अंपायर किसी तरह की नरमी नहीं बरते. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इस मामले पर कड़ा रुख़ अपनाने की मांग की थी.

हालाँकि अंपायर इस मामले में आईसीसी की मौजूदा आचार संहिता का ही पालन करेंगे और इसी आधार पर वे यह तय करेंगे कि खिलाड़ियों का अभद्र व्यवहार किस श्रेणी में आता है.

आईसीसी के एक प्रवक्ता ने बताया कि आईसीसी की आचारसंहिता काफ़ी मज़बूत है और अब ये अंपायरों पर है कि वे किस तरह इसका इस्तेमाल करते हैं.

मलेशिया में आईसीसी की कार्यकारी समिति की बैठक में गाली गलौज पर पूर्ण पाबंदी लगाने का मामला उठा.

बैठक के बाद आईसीसी की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है सदस्य देश इस पर एकमत हैं कि आईसीसी इस मामले पर कोई नरमी नहीं बरते.

फ़ैसला

अब आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मैल्कम स्पीड अधिकारियों, अंपायरों और क्रिकेट बोर्ड के प्रमुखों को पत्र लिखकर फ़ैसले की जानकारी देंगे.

बीसीसीआई ने गाली गलौज पर पूर्ण पाबंदी लगाने का प्रस्ताव बैठक में रखा था.

बैठक में जाने से पहले बीसीसीआई के सचिव निरंजन शाह ने बीबीसी स्पोर्ट्स को बताया था कि भारत गाली गलौज के इस्तेमाल को किसी भी रूप में स्वीकार नहीं करता.

हाल ही में ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच टेस्ट सिरीज़ के दौरान हरभजन सिंह पर नस्लभेदी टिप्पणी का आरोप लगा था. ये आरोप एंड्रयू साइमंड्स ने लगाया था. हरभजन सिंह पर पाबंदी भी लगी लेकिन अपील के बाद उन पर से पाबंदी हटा ली गई.

हालाँकि इस मामले पर एक समय तो दोनों क्रिकेट बोर्ड आमने-सामने आ गए थे और इस मामले ने दुनियाभर में सुर्ख़ियाँ बटोरी.

आईसीसी का मानना है कि क्रिकेट में अभद्र व्यवहार के मामले में निपटने के लिए नए क़दम उठाने की आवश्यकता नहीं.